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स्मार्ट मीटर से बिजली का बिल आ रहा है ज्यादा? ऐसे करें चेक, इस नंबर पर गड़बड़ी की शिकायत भी करें

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CG Smart Meter Electricity Bill: बिजली बिल को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में बवाल मचा हुआ है. जनता सड़कों पर है. घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़े जा रहे हैं और गुस्सा सातवें आसमान पर है. वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर बिजली विभाग की तरफ से सफाई आई है.

स्मार्ट मीटर में कोई गड़बड़ी नहीं – CSPDCL

CSPDCL ने स्मार्ट मीटर में आ रही समस्याओं को अफवाह बताया है. मतलब विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर में कोई गड़बड़ी नहीं है. बिल उतना ही आ रहा है. जितना घरों में बिजली इस्तेमाल की जा रही है और शासन ऐसा इसलिए कह रहा है, क्योंकि स्मार्ट मीटर को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई है.

जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग कितना बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके आंकड़े मौजूद हैं.
और इसके आधार पर शासन का कहना है कि भीषण गर्मी में लोगों ने ज्यादा कूलर-पंखा और एसी चलाया है. जिसकी वजह से बिजली बिल ज्यादा आया है.

तीन महिने में कितनी बिजली की हुई खपत

दरअसल, तीन महीने के अंदर आम लोगों के घरों में कितनी बिजली खपत हुई है. इसकी स्टडी कराई गई है. जिसमें मई, जून और जुलाई का डाटा इकट्ठा करके तुलना की गई है. और सामने आया है कि ज्यादातर घरों में मई और जून महीने की तुलना में जुलाई महीने में कम बिजली इस्तेमाल हुई है.
आंकड़ों के मुताबिक रायपुर शहर के 3 लाख 11 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर में जून के दौरान कुल 10 करोड़ 85 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई.

जबकि जुलाई में यही खपत घटकर 7 करोड़ 77 लाख यूनिट रह गई. यानी कि गर्मी की तुलना में बरसात के दौरान 28 फीसदी कम बिजली इस्तेमाल हुई. और अगर 400 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों की बात करें. तो 1 लाख 21 हजार से ज्यादा घरों में करीब 44 फीसदी कमी हुई है.

इसी तरह दुर्ग शहर में 240 स्मार्ट मीटर की स्टडी की गई. जिनकी खपत 400 यूनिट से ज्यादा थी और इनमें भी मई और जून की तुलना में जुलाई महीने के दौरान 53 फीसदी की कमी पाई गई, क्योंकि जून में जो खपत 1 लाख 65 हजार 411 यूनिट थी. जुलाई में वो महज 76 हजार 257 यूनिट रही. इसी तरह बिलासपुर शहर में 400 यूनिट से ज्यादा खपत वाले 9 हजार 717 स्मार्ट मीटर की स्टडी की गई. जहां जुलाई महीने में 43 फीसदी की कमी दर्ज हुई, क्योंकि जून में ये 596 यूनिट और जुलाई में 312 यूनिट दर्ज की गई. इन आंकड़ों के आधार पर शासन का कहना है कि फिलहाल सबके पास पिछले महीने का बिल आया है. इसीलिए ज्यादा है, लेकिन जब जुलाई का बिल अगस्त में आएगा, तो ये पिछले महीने की तुलना में कम होगा. साथ ही मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का लाभ भी मिलेगा.

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना क्या है?

दरअसल जो लोग एसी का इस्तेमाल करते हैं. उनके घरों में 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत होती है और ऐसे में मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना का फायदा नहीं मिल पाता है और उन्हें पूरा बिल देना पड़ता है. जिसकी वजह से ज्यादा बिल आता है, जबकि 400 यूनिट तक इस्तेमाल करने पर 200 यूनिट पर आधा बिजली बिल ही देना पड़ता है.
अलग से भी 800 रुपये ज्यादा चार्ज किए जाते हैं, और हर बढ़ते किलोवाट के साथ ये पैसा भी बढ़ता है. जिसे अफोर्डिंग चार्ज कहा जाता है और ये तब लिया जाता है. जब ज्यादा बिजली इस्तेमाल होने से लोड बढ़ जाता है.

मोर बिजली ऐप से देखें खपत

अगर आपको लगता है कि स्मार्ट मीटर की वजह से आपका बिल ज्यादा आ रहा है. अगर आपके घर में स्मार्ट मीटर लगा है. तो आप अपने मोबाईल में मोर बिजली ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और रोज कितने यूनिट बिजली खपत हो रही है. ये देख सकते हैं, जबकि सामान्य मीटर में महीने की खपत देखी जा सकती है. वहीं शंका दूर करने के लिए बिजली विभाग अलग से चेक मीटर भी लगा रहा है. जिसकी मदद से स्मार्ट मीटर के बिल को चेक मीटर से तुलना करके गड़बड़ी का पता लगाया जा सकता है. और अगर कोई शिकायत आती है, तो आप टोल फ्री नंबर- 1912 पर कॉल भी कर सकते हैं.

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