CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC घोटाला मामले में CBI के बाद अब ED ने बड़ी कार्रवाई की है. ED ने CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है.
ईडी आज टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश करेगी. एजेंसी उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग भी करेगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जा सके.
दो साल पहले CBI ने किया था गिरफ्तार
CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था. उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था. CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ.
क्या है CGPSC घोटाला?
साल 2020 से 2022 के दौरान डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई पदों के लिए हुई CGPSC परीक्षा में टामन सोनवानी के रिश्तेदार समेत कुछ VIP लोगों के करीबी रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे थे. इन्हीं आरोपों के आधार पर CBI ने मामला दर्ज किया था. इस केस की जांच जारी है. इस मामले में CBI की टीम CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
सीबीआई ने यह मामला 9 जुलाई 2024 को दर्ज किया था, जो छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 16 फरवरी और 10 अप्रैल 2024 को जारी अधिसूचनाओं के आधार पर हुआ. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारी, 2020 से 2022 के बीच आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में अपने पुत्र, पुत्री और रिश्तेदारों का चयन करवाने में शामिल थे. 2021 भर्ती प्रक्रिया में ही 1,29,206 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी, जिनमें से 2,548 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए. इनमें 509 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार चरण पार किया और 170 को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया.
ये भी पढ़ें- CG News: संदिग्ध किराएदारों पर पुलिस की सख्ती, अब मकान मालिकों की भी जवाबदेही तय, सत्यापन नहीं कराने पर होगी कार्रवाई
