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CGPSC घोटाला: CMO के पूर्व OSD चेतन बोरघरिया को लेकर ED ने विस्तार से दी पूरी जानकारी

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रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा-2020 और 2021 में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 11 सितंबर 2026 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के OSD और वर्तमान में बलरामपुर-रामजुनगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया है.

 ईडी की जांच में सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने सीजीपीएससी परीक्षा-2021 के विभिन्न उम्मीदवारों से सीएमओ में अपनी कथित पहुंच और प्रभाव का झांसा देकर एडवांस में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित करने के नाम पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रिश्वत वसूली थी. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस दौरान तत्कालीन सीएमओ ओएसडी चेतन बोरघरिया के नाम और पद का इस्तेमाल इन आश्वासनों के एवज में किया गया था.

रिसॉर्ट और मैरिज पैलेस में बांटे गए थे पेपर

जांच से पता चला है कि परीक्षा से पहले कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में इकट्ठा कर लीक प्रश्न पत्र बांटे गए थे. इसके अलावा, मुख्य परीक्षा (Mains) से जुड़े लीक पेपर के आधार पर कोचिंग देने के लिए उम्मीदवारों को बारनवापारा सेंचुरी रिजॉर्ट में ठहराया गया था. वित्तीय जांच के दौरान चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये के नकद जमा होने का पता चला है. साथ ही, चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं.

डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच से हुआ खुलासा

इससे पहले ईडी ने 1 सितंबर 2026 को चेतन बोरघरिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे. फोरेंसिक जांच के दौरान चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच वित्तीय लेन-देन और पैसों की मांग से जुड़ी चैट और कम्युनिकेशंस मिले हैं. इसके अलावा, ‘फिगरकेव ई-कॉम (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए फंड की हेराफेरी (लेयरिंग) किए जाने के संकेत भी मिले हैं.

6 दिन की ईडी रिमांड पर आरोपी

जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और बयानों के आधार पर अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) को छिपाने और इस्तेमाल करने में संलिप्तता पाए जाने पर चेतन बोरघरिया को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया. आरोपी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 6 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है. मामले में आगे की जांच जारी है.

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