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CG News: पद्म विभूषण प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, 70 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Teejan Bai Passes Away

प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई

CG News: छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है. तीजन बाई लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी और उनका इलाज राजधानी के एम्स हॉस्पिटल में चल रहा था. 24 अप्रैल 1956 को दुर्ग के गनियारी गाँव में जन्मीं डॉ. तीजन बाई 70 साल, 2 महीने और 11 दिन की थीं, जब उन्होंने अंतिम सांस ली. जानकारी के मुताबिक उनके फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत थी जिसके कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती थी.

बचपन में खूब सुनी थीं महाभारत की कहानियां

डॉ. तीजन बाई के पिता का नाम हुकुमचंद परधा और माता का नाम सुखवाती बाई था. वह छत्तीसगढ़ की ‘पारधी’ अनुसूचित जनजाति से संबंध रखती थी. बचपन में अपने नाना ब्रजलाल पारधी को छत्तीसगढ़ी हिंदी में महाभारत की कहानियां गाते सुनकर उन्हें ये कहानियां याद हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने उमेद सिंह देशमुख से इसका अनौपचारिक प्रशिक्षण भी लिया.

13 वर्ष की उम्र में मंच पर प्रदर्शन

ये वो दौर था जब महिलाएं केवल केवल बैठखर पंडवानी गाती थीं, जिसे वेदमती शैली कहा जाता है. तीजन बाई पहली ऐसी महिला थीं, जिन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाली ‘कापालिक शैली’ को चुना और खड़े होकर दमदार आवाज में प्रदर्शन करना शुरू किया. तीजन बाई ने मात्र 13 साल की उम्र में पहली बार मंच पर प्रदर्शन किया था.

एक नजर में जीवन परियच

मंत्री केदार कश्यप ने किया ट्वीट

पद्म विभूषण तीजन बाई के निधन पर वन मंत्री केदार कश्यप ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने लिखा कि ‘छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति आज अपनी सबसे बुलंद आवाज़ खो बैठी. पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी साधिका तीजन बाई जी का निधन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने अपनी अद्भुत कला से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और पंडवानी को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई. ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!!!’

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