CG News: मानसून का सीजन खरीफ की फसलों का रहता है. सही समय पर और पर्याप्त बारिश से फसल अच्छी होती है. बारिश कम होती है तो सूखा पड़ने की संभावना रहती है और बारिश ज्यादा हो जाए तो बाढ़ आ सकती है. दोनों ही स्थितियां बेहतर उपज होने के विपरीत है. मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल बारिश औसत से कम हो सकती है. इस फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है. ये देखने में मिल रहा गहै
क्या है 72 घंटे का नियम?
सूखा या अतिवृष्टि से फसलों के बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा पाने के लिए 72 घंटे के भीतर बीमे पर दावा करना होता है. ये अनिवार्य प्रक्रिया है. प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान बीमा करा सकते हैं. इस स्कीम का लाभ पाने के लिए किसानों को 31 जुलाई 2026 से पहले आवेदन करना होगा. इसके लिए अब तीन दिन ही बचे हैं. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि उन्हें तय समय सीमा के भीतर सूचना मिल सके.
किसान टोल फ्री नंबर – 14447 पर कॉल करके आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके साथ ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट, रिवेन्यू डिपार्टमेंट या बीमा कंपनी को भी जानकारी दे सकते हैं.
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किन फसलों का बीमा कराया जा सकता है?
किसान धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली, मूंग, उड़द के लिए पंजीयन करा सकते हैं. मोटे अनाजों की बात करें तो इसमें कोदो, कुटकी और रागी शामिल है. किसान ऋण बैंक, वित्तीय संस्थान, लोक सेवा केंद्र और pmfby.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन दिया जा सकता है.
