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छत्तीसगढ़ः फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट मामले की सुनवाई के लिए बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड

रायपुर. दिव्यांगजनों तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में संयुक्त बैठक आयोजित की गई.

बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की जांच सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर चर्चा हुई.

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकार को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव की सरकार युवाओं के हितों को लेकर सजग है और उनके बेहतर भविष्य को लेकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की विशेषज्ञों की मदद से निष्पक्ष जाँच की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायतें मिली हैं उन संबंधित व्यक्तियों की जांच के लिए रायपुर में एक विशेष मेडिकल बोर्ड तैयार किया जाएगा.इनकी जांच शीघ्र और तय समय के भीतर की जाएगी.

बैठक में समाज कल्याण विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने तथा निर्धारित समयान्तराल में दिव्यांगता की भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के प्रकरणों की समीक्षा किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया.

यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया होगी सुगम

बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने, मेडिकल बोर्ड में विषय- विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड एवं दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने पर चर्चा की गई. पात्र दिव्यांगजनों को समयबद्ध रूप से प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया.

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