CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नक्सलवाद के खात्मे पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया. सदन में उन्होंने कहा कि नक्सली निर्दयता से हत्या करते थे. ये सब वे इसलिए करते थे ताकि आने वाली पीढ़ी डर और खौफ के साये में रहे. कभी बेटी तो कभी बहू के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया करते थे. ये सब सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जाता था.
कैबिनेट मंत्री हुए भावुक
चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप भावुक हो गए. उन्हें ढांढस बंधाने के लिए डिप्टी सीएम विजय शर्मा उनके पास पहुंचे और हौसला बढ़ाया. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए मजबूती से लड़ाई लड़ी है. छत्तीसगढ़ ने दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला है. केंद्र और राज्य सरकार के मजबूत इरादों से इस पर नियंत्रण पाया गया. इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित का धन्यवाद जताया गया.
‘नक्सली बोलते थे हम लोगों की सरकार है’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा में कहा कि जब से हम होश संभाला और राजनीति में आए, तब से नक्सलवाद का शब्द सुनते रहे. हमें लगता था पता नहीं नक्सलवाद खत्म होगा की नहीं. ऐसा लगता था, जहां जनजाति लोग रहते है, वहां नक्सलवाद था वो विकास की राह देखेंगे की नहीं. हमारे जवानों ने नक्सलवाद के खिलाफ लडाई लड़ी. सरगुजा संभाग भी नक्सलवाद से पीड़ित था.
उन्होंने आगे बताया कि जब मैं रायगढ़ का सांसद था तब दिल्ली आने-जाने के लिए रांची जाना पड़ता था. मुझे याद है कि हम रांची से जशपुर आने में डरते थे. आरा चौकी को नक्सलियों ने लूटा था, इस तरह की वारदात आम बात थी. पांच साल जब कांग्रेस सरकार में थी तो नक्सली बोलते थे हम लोगों की सरकार है.
‘सरकार ने नई रणनीति से काम किया’
सीएम विष्णुदेव साय ने सदन में कहा कि दिसंबर 2023 में हम सरकार में आए और जनवरी 2024 को देश के गृहमंत्री यहां आए. उन्होंने बैठक ली, तब पता चला छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की संख्या ज्यादा है. केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तब साथ नहीं मिला इसीलिए यहां सबसे ज़्यादा नक्सली बचे रहे.. डबल इंजन की सरकार बनी और नई रणनीति के साथ काम किया गया.
उन्होंने आगे कहा कि इसका परिणाम हुआ कि आज ढाई साल के अंदर छत्तीसगढ़ और पूरे देश से नक्सलवाद खत्म हुआ. केंद्रीय गृहमंत्री ने जब डेडलाइन दिया तो हम सोचते थे कैसे होगा? जब उन्होंने डेडलाइन दिया तो लगा मोदी है तो मुमकिन है. जवान जब घायल होकर आते थे तो मुलाक़ात में वो कहते थे, सर ठीक होने दीजिए 10 गुना ज़्यादा नक्सली मारेंगे.
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‘बस्तर को नई आजादी मिली’
नक्सलवाद के खात्मे पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि एक नई आजादी बस्तर को मिली है. नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़े तो हमें पता था, विकास वहां पहुंचाना पड़ेगा. नियद नेल्लानार योजना के तहत विकास हम पहुंचाते गए. शासन के लोग जहां जा नहीं पाते थे, वहां विकास हम पहुंचा रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि 17 लाख लोगों का जनधन खाता खुला. 22 लाख लोगों का आधार कार्ड बना. 1 लाख 76 हज़ार PM आवास स्वीकृत किए गए. बस्तर संभाग में 240 नक्सल प्रभावित गांव जहां स्कूल बंद थे, वहां 421 स्कूल खोले गए. रेल की पटरी भी वहां पहुंच गई है.
