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CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई, अनवर ढेबर के सहयोगियों के तीन ठिकानों पर छापेमारी

CSMCL Overtime Scam Case eow raids three premises linked to Anwar Dhebar associates

CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई

CG News: CSMCL के चर्चित ओवरटाइम घोटाला मामले में EOW ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने इस मामले के आरोपी अनवर ढेबर के सहयोगियों के तीन ठिकानों पर सर्च की. कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले हैं. EOW का दावा है कि शुरुआती जांच में ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि घोटाले से मिली कथित अवैध रकम का इस्तेमाल नामी और बेनामी संपत्तियां खरीदने में किया गया हो सकता है.

अब इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अनवर ढेबर के सहयोगियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है. एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे भी जरूरत के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.

क्या है CSMCL घोटाला?

यह मामला CSMCL में कर्मचारियों को दिए गए ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा है. आरोप है कि नियमों के विपरीत ओवरटाइम दिखाकर सरकारी रकम का गलत इस्तेमाल किया गया. इसी मामले की जांच EOW और ACB लंबे समय से कर रही है. जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और पहले भी इस मामले में कार्रवाई हुई है.

EOW का मानना है कि इस घोटाले से जुड़े पैसों का लेन-देन सिर्फ ओवरटाइम भुगतान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उससे खरीदी गई संपत्तियों और निवेश की भी जांच जरूरी है. इसी वजह से जांच एजेंसी लगातार दस्तावेज जुटाने और आरोपियों से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

पूर्व महापौर का भाई है अनवर

अनवर ढेबर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई हैं. उनका नाम पहले भी प्रदेश के चर्चित शराब घोटाले में सामने आ चुका है. अब CSMCL ओवरटाइम घोटाले में भी उन्हें आरोपी बनाया गया है. ताजा सर्च के दौरान मिले दस्तावेजों के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है.

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अन्य लोगों से भी होगी पूछताछ

EOW का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है. अगर जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में और लोगों से पूछताछ या आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है. फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और घोटाले से जुड़े पैसों के इस्तेमाल का पता लगाने में जुटी हुई है.

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