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CG News: भाजपा नेताओं पर दर्ज हुई FIR, पार्टी ने की कार्रवाई… हर बड़े भाजपा नेता कंधे में रखते थे हाथ

फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है. जिसके बाद पार्टी ने भी दो पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया है. हम जिस भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी की बात कर रहे है उसके फेसबुक प्रोफाइल को सर्च करने के बाद पता चला कि सांसद हो या पूर्व मंत्री या फिर कोई भी भाजपा का बड़ा नेता, सभी इस आरोपी के कंधे पर हाथ रखते और ये सभी की फोटो अपने सोशल मीडिया में शेयर करते. भाजपा ने इन्हें जिला महामंत्री के पद से नवाजा था. पढ़े पूरी खबर विस्तार से…

पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक द्वारा कथित तौर पर फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर उसे वास्तविक बताकर प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है. शिकायत की जांच के बाद पलारी पुलिस ने करण कुमार देवांगन और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है.

पुलिस के अनुसार, खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी की ओर से 17 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दी गई थी. शिकायत में बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन ने अपने स्थानांतरण और कार्यमुक्त किए जाने के संबंध में एक आदेश प्रस्तुत किया था. इसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा के कार्यालय का आदेश क्रमांक एनएचएम/एचआर/2026-27/1359, दिनांक 14 अगस्त 2026 दर्शाया गया था.

इस कथित आदेश में करण देवांगन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख था. हालांकि जांच में सामने आया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया गया था. आदेश पर अंकित हस्ताक्षर को भी संबंधित अधिकारी ने अपना हस्ताक्षर होने से इनकार किया.

उच्च कार्यालय ने भी बताया फर्जी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा ने 17 अगस्त को खंड चिकित्सा अधिकारी पलारी को पत्र जारी कर मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. पत्र में स्पष्ट किया गया कि करण कुमार देवांगन का पद राज्य संवर्ग का है और उसके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है. साथ ही वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने की बात भी कही गई.

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित आदेश कार्यालय से जारी नहीं हुआ था और उस पर अंकित हस्ताक्षर भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नहीं थे. इसके बाद फर्जी आदेश के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए गए.

दस्तावेजों की जांच के बाद एफआईआर

पुलिस ने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा के बयान, उनके आवेदन और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की. जांच में प्रथम दृष्टया आरोपियों द्वारा सरकारी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उसे असली बताकर सरकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने की बात सामने आई.

पलारी पुलिस ने मामले में करण देवांगन व अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है. पुलिस अब कथित फर्जी आदेश तैयार करने, उसमें शामिल अन्य लोगों और दस्तावेज के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.

पुलिस ने इस मामले में भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल, रवि कुमार सेन और करण कुमार देवांगन पर अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.

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