CG News: झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने निर्णय को आरक्षित रख लिया है. बीते 10 अगस्त से शुरू हुई अंतिम बहस को करीब 3 दिन का समय लगा. बुधवार (12 अगस्त 2026) सुबह 11 बजे से बचाव पक्ष की दलीलें प्रस्तुत करने के बाद अभियोजन पक्ष ने रिपीटर दलीलें भी प्रस्तुत की. दोपहर 2 बजे तक बहस पूरी होने के बाद अब झीरम कांड की चली सुनवाई का फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा लिया है.
31 अगस्त को फैसला आएगा
न्यायालय द्वारा 31 अगस्त को फैसला सुनाने ऑर्डर शीट में तारीख तय कर दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले 13 सालों से इस बहुचर्चित मामले की जांच एनआईए कोर्ट में चल रही थी और आखिरकार 12 अगस्त को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अब 31 अगस्त को झीरम मामले में फैसला न्यायालय द्वारा सुनाया जाएगा.
30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई
झीरम घाटी नक्सली हमले को छत्तीसगढ़ में सबसे वीभत्स माना जाता है. साल 2013 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने थे. कांग्रेस और बीजेपी चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे. कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकाल रही थी. इसी क्रम में 25 मई 2013 को सुकमा में परिवर्तन रैली आयोजित की गई. रैली खत्म होने के बाद करीब 200 नेता 25 गाड़ियों में सवार होकर जगदलपुर जा रहे थे.
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झीरम घाटी में नक्सलियों ने रास्ते पर पेड़ गिराकर काफिले को रोक दिया. जैसे ही काफिला रुका तो वहां छिपे 200 नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया. इसी फायरिंग में बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और विद्या चरण शुक्ल समेत कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे. महेंद्र कर्मा पर नक्सलियों ने 100 से ज्यादा गोलियां चलायी थीं.
