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CG News: अतिरिक्त तहसीलदार पर लगा गंभीर आरोप

रायपुर. तहसील कार्यालय में कामकाज को आनलाइन करने और हर प्रकरण की निगरानी आसान बनाने की व्यवस्था लागू है. लेकिन रायपुर तहसील की अतिरिक्त तहसीलदार ख्याति नेताम के खिलाफ शिकायत में इसके उलट काम करने का आरोप लगाया गया है.

अधिवक्ता विकास गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नए नामांतरण प्रकरणों को पहले आरडी या ई-कोर्ट में दर्ज करने के बजाय आवेदन पर ही निर्देश लिखकर पक्षकार अथवा अधिवक्ता को पटवारी के पास प्रतिवेदन लेने भेजा जाता है.

शिकायत के अनुसार इस प्रक्रिया में प्रकरण आनलाइन लंबित दिखाई नहीं देता और कार्रवाई आफलाइन चलती रहती है. बाद में आदेश के समय प्रकरण को आनलाइन दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने ग्राम मठपुरैना के नामांतरण प्रकरणों का हवाला देते हुए पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने अतिरिक्त तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और रायपुर से बाहर स्थानांतरण की मांग अधिकारियों से की है.

ऑनलाइन दर्ज होने से पहले ही शुरू हो जाती है प्रक्रिया

शिकायतकर्ता का कहना है कि नए नामांतरण प्रकरण को पहले आरडी या ई-कोर्ट में दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि उसकी स्थिति आनलाइन देखी जा सके. इसके बाद इश्तेहार और पटवारी के लिए ज्ञापन जारी कर प्रतिवेदन लिया जाना चाहिए. आरोप है कि इसके बजाय आवेदन पर अलग-अलग बिंदुओं की जानकारी मांगकर पक्षकारों को पटवारी के पास भेज दिया जाता है. इससे प्रकरण की वास्तविक स्थिति आनलाइन नहीं दिखाई देती और पक्षकारों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.

मठपुरैना के प्रकरण को बनाया आधार

शिकायत में ग्राम मठपुरैना की राधिका वैष्णव के नामांतरण प्रकरण का उल्लेख किया गया है. आरोप है कि 31 जुलाई को आफलाइन इश्तेहार और पटवारी के लिए ज्ञापन जारी किया गया, जबकि प्रकरण दो सितंबर को ई-कोर्ट में दर्ज हुआ. शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि प्रकरण पहले से चल रहा था, तो ऑनलाइन अभिलेख में शुरुआती कार्रवाई का उल्लेख क्यों नहीं है. इसी आधार पर उन्होंने पूरी प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.

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