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बाढ़ के बाद राजधानी की सड़कें बदहाल, ये तस्वीरें देखकर उड़ जाएंगे आपके होश

रायपुर. लगातार हुई तेज बारिश ने राजधानी की सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है. जीई रोड और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक कई जगह डामर उखड़ गया है और सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं. चंदनीडीह स्थित कुम्हारी पुराने पुल पर तो डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं. बारिश का पानी भर जाने से इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता.

मंगलवार को यहां कई राहगीर दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मुख्यमंत्री के तत्काल मरम्मत के निर्देश के बाद भी राजधानी की सड़कों पर सुधार का असर अब तक क्यों नहीं दिखाई दे रहा है. शहर के दर्जनभर से अधिक मोहल्लों में सड़कें पिछले दो-तीन महीने से खराब हैं. हालिया बारिश ने स्थिति और गंभीर कर दी है. कई जगह सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और नीचे की बजरी, गिट्टी व मिट्टी बाहर आ गई है. वाहन चालकों को गड्ढों के बीच से रास्ता तलाशकर गुजरना पड़ रहा है. पानी से भरे गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देने के कारण सबसे ज्यादा खतरा दोपहिया वाहन चालकों को है.

जीई रोड से रिंग रोड तक उखड़ा डामर

जीई रोड पर टाटीबंध से तेलीबांधा के बीच कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं. आमानाका ओवरब्रिज के ऊपर सड़क उखड़ने लगी है और जॉइंट वाले हिस्सों में बड़े गड्ढे बन गए हैं. मोहबाजार-हीरापुर मार्ग की स्थिति भी कई जगह खराब है. रिंग रोड की सर्विस रोड के अलावा भाठागांव और रायपुरा अंडरपास के आसपास भी बड़े गड्ढे परेशानी का कारण बने हुए हैं. रायपुरा, कुशालपुर, चंगोराभाठा, महादेवघाट रोड, भाठागांव, उरला, भनपुरी, देवपुरी, लालपुर, खम्हारडीह, विधानसभा रोड, कचना-जोरा, दलदलसिवनी, सड्डू, आमापारा, तात्यापारा, शारदा चौक, जयस्तंभ चौक, संतोषी नगर और राजेंद्रनगर की कई अंदरूनी सड़कें भी बदहाल हैं.

कुम्हारी पुराने पुल पर सबसे ज्यादा खतरा

चंदनीडीह स्थित कुम्हारी पुराने पुल पर डेढ़ से दो फीट गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं. बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे का अंतर तक पता नहीं चलता. सोमवार को कुछ राहगीर यहां दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल से लगातार वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में तत्काल गड्ढों को भरने की जरूरत है.
इसी तरह हीरापुर-तेंदुआ (गुमा) रिंग रोड नंबर-2 के करीब पांच किलोमीटर हिस्से में कई जगह बड़े गड्ढे हैं. बारिश रुकने के बाद तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने से इन हिस्सों में धूल के गुबार उठ रहे हैं. इससे वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी हो रही है.

मुख्यमंत्री ने दिए थे तत्काल मरम्मत के निर्देश

बारिश के दौरान खराब सड़कों से नागरिकों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला कलेक्टरों को सड़कों का तत्काल निरीक्षण करने और बारिश थमते ही युद्धस्तर पर मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे. लोक निर्माण मंत्री और विभागीय सचिव स्तर से भी सड़क सुधार को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं. इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है.

सर्वे तक नहीं, अब 10 दिन में मांगी जानकारी

पीडब्ल्यूडी ने अब मैदानी अधिकारियों से बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की जानकारी मांगी है. पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत की जरूरत वाले हिस्सों के प्राक्कलन 10 दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. सड़क और पुल सुधार के लिए एफडीआर की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने को भी कहा गया है. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी सचिव ने रायपुर के प्रमुख मार्गों, आरओबी, आरयूबी, फ्लाईओवर, मार्ग उन्नयन और चौड़ीकरण के कार्यों की स्वीकृति तथा निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, फिलहाल शहरवासियों को तत्काल गड्ढों से राहत मिलने का इंतजार है.

मंडी गेट-दलदलसिवनी रोड भी बदहाल

मंडी गेट से दलदलसिवनी जाने वाले मार्ग पर भी बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़क की सतह खराब हो गई है. गड्ढों और उखड़े डामर के कारण इस मार्ग पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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