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Raipur में ATS का फर्जी वारंट दिखाकर रिटायर्ड शिक्षक से ठगे 18 लाख, वर्दी पहनकर वीडियो कॉल में डराया

Digital arrest (illustrative image)

डिजिटल अरेस्‍ट (सांकेतिक तस्‍वीर)

Raipur Digital Arrest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से डिजिटल अरेसट का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. ठगों ने इस बार 60 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक को निशाना बनाया. हैरानी की बात यह है कि, ठगों ने लगातार 3 दिनों तक रिटायर्ड शिक्षक को अपना निशाना बनाया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर उनसे 18 लाख रुपए ठग लिए. ठगी का महसूस होने पर पुलिस को शिकायत दी गई जिसके बाद पुलिश एक्शन में जुट गई है.

यह है पूरा मामला

दरअसल, ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक से कॉल के जरिए कॉन्टेक्ट किया. जिसमें उन्होंने शातिराना तरीके से बुजुर्ग को अपने झांसे में लिया. ठगों ने बताया कि, रिटायर्ड शिक्षक के पहचान पत्र का इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर में फर्जी बैंक खाता खोला गया है.और खाते से मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने की बात कही, मामले की असलियत दिखाने के लिए ठगों ने लखनऊ ATS से शिक्षक के नाम पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने का दिखावा भी किया.

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वर्दी पहनकर वीडियो कॉल किया

ठग यहीं तक नहीं रुके, अपने आप को अधिकारी दिखाने के लिए उन्होंने बकायदा पुलिस की वर्दी पहने हुए वीडियो कॉल किया. ठग ने रिटायर्ड शिक्षक को जांच के कारणों से घर पर ही बंद यानी कि डिजिटल अरेस्ट रहने को कहा. ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक को भरोसा दिलाया कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद RBI की ओर से उन्हें ‘नॉन-इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा.

शिक्षक ने जैसे तैसे जुटाए पैसे

फर्जी जांच से घबराए रिटायर्ड शिक्षक ने पैसे जुटाने के लिए इधर-उधर हांथ-पैर मारे. रिटायर्ड शिक्षक को ठगों को पैसे देने के लिए अपनी एफडी तुड़वा दी. इसके बाद ठगों के बताए खाते में 18 लाख रूपए ट्रांसफर कर दिए. रकम ट्रांसफर करने के बाद रिटायर्ड शिक्षक को ठगी का एहसास हुआ. जिसके बाद वे पुलिस के पास पहुंचे. रेंज साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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