Vistaar NEWS

कुटुम्ब न्यायालय का बड़ा फैसला: बच्चों की कस्टडी के लिए नौसेना से रिटायर्ड पिता की याचिका खारिज, मां अपूर्वा चौहान के पास रहेंगे दोनों बच्चे

Court

कोर्ट (फाइल फोटो)

रायपुर. रायपुर के चतुर्थ अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय विवेक कुमार तिवारी की अदालत ने बच्चों की कस्टडी (संरक्षकता) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त पेटी ऑफिसर (हवलदार) भूपेंद्र सिंह चौहान द्वारा अपने दोनों बच्चों की अभिरक्षा पाने के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बच्चों का सर्वोत्तम हित और कल्याण उनकी मां अपूर्वा चौहान की अभिरक्षा में ही सुरक्षित है. इस मामले में वादी की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह और प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता विकास गुप्ता ने पक्ष रखा.

क्या था पूरा मामला

वादी भूपेंद्र सिंह चौहान ने हिन्दू अल्पव्ययता और संरक्षकता अधिनियम, 1956 की धारा 25 के तहत अपनी 10 वर्षीय पुत्री समृद्धि चौहान और 7 वर्षीय पुत्र सुलेख सिंह चौहान की संरक्षकता प्राप्त करने के लिए परिवार न्यायालय में परिवाद (CMC No. 207/2024) प्रस्तुत किया था. वादी का तर्क था कि वह सेवानिवृत्त होने के बाद बच्चों का बेहतर पालन-पोषण करने में सक्षम है, जबकि उनकी पत्नी जूडियों कंपनी में नौकरी करने के कारण बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही है.

दूसरी ओर, प्रतिवादिनी पत्नी अपूर्वा चौहान ने पति पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए बच्चों के भरण-पोषण और अपनी स्थिति का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि वह स्वयं प्राइवेट फर्म में कार्य कर बच्चों की देखभाल और उनकी पढ़ाई-लिखाई पूरी जिम्मेदारी से कर रही हैं.

अपने फैसले में क्या कहा कोर्ट ने ?

न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण दृष्टांतों का हवाला देते हुए कहा कि कस्टडी के मामलों में माता-पिता के अधिकारों से ज्यादा महत्वपूर्ण बच्चे का सर्वोत्तम हित और कल्याण होता है. अदालत ने माना कि बच्चे लंबे समय से अपनी मां के साथ रह रहे हैं और मां उनकी देखरेख अच्छी तरह कर रही है. इसके अलावा, पुत्री की आयु को देखते हुए उसे मां के सान्निध्य की अधिक आवश्यकता है. अदालत ने पिता भूपेंद्र सिंह चौहान को राहत देते हुए यह अधिकार दिया है कि वे हर रविवार को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच जाकर अपने बच्चों से मिल सकते हैं, और इसमें मां किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं करेगी.

ये समाचार भी जरूर पढ़ेंः भिलाई स्टील प्लांट में लोहा चोरी के आरोपों पर सियासत तेज, विधायक रिकेश सेन ने DGP को लिखा पत्र… अमित शाह ने लिया संज्ञान

Exit mobile version