रुचि निर्मलकर. रायपुर. गणेश उत्सव के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में विभिन्न अनूठी थीम पर गणेश पंडाल सजाए गए हैं. इसी कड़ी में फाफाडीह स्थित पंडाल इन दिनों शहरभर में मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां उज्जैन की प्रसिद्ध बाबा महाकाल नगरी की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया गया है. यहां भगवान गणेश को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ‘दगडूशेठ’ स्वरूप में विराजमान किया गया है. गणेश जी डमरू पर विराजमान हैं, इसलिए इन्हें ‘डमरू सेठ’ का नाम दिया गया है.
उज्जैन और हरसिद्धि मंदिर की जीवंत झलक
उज्जैन की थीम को जीवंत करते हुए इस पंडाल में माता हरसिद्धि की प्रतिमा भी स्थापित की गई है. उज्जैन के प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर यहां भी संध्या के समय बड़ी संख्या में दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं. समिति के अनुसार, पंडाल में करीब 280 दीपक जलाए जाते हैं, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं. इसके साथ ही भगवान काल भैरव की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है.
भस्म आरती और उमड़ती भीड़
इस पंडाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल की भव्य आरती के साथ-साथ प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’ की झलक भी देखने को मिल रही है. इसे देखने के लिए रोजाना भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. शाम ढलते ही पंडाल परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी तरह भर जाता है. आसपास के इलाकों के अलावा दूर-दूर से लोग इस अनोखे और भव्य गणेश पंडाल के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.
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हर साल नया प्रयोग
श्री सिद्धिविनायक गणेश उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल गणेश उत्सव के दौरान कुछ नया और रचनात्मक करने का प्रयास किया जाता है. पिछले वर्ष समिति द्वारा हरिद्वार की थीम पर पंडाल सजाया गया था, जहां विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया था. इस बार बाबा महाकाल उज्जैन की थीम को चुना गया है. पंडाल की शानदार साज-सज्जा और धार्मिक भव्यता लोगों को अपनी ओर खींच रही है. इस खूबसूरत पंडाल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं.
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