Raipur: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बलौदाबाजार हिंसा मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया है. इस खबर से उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. अमित बघेल के जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने आतिशबाजी और नारेबाजीकर खुशी जताई है.
8 महीने बाद मिली जमानत
करीब 8 महीने तक जेल में रहने के बाद अमित बघेल को जमानत मिली है. जेल से बाहर आने के बाद सबसे पहले उन्होंने महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया. इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हाथ में लेकर जेल परिसर से बाहर कदम रखा. इस दौरान उन्होंने कहा कि साल 2028 में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार बनेगी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था. इस प्रदर्शन में हजारों लोग पहुंचे हुए थे. आरोप है कि यहां पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ के उग्र कर दिया. इसके बाद हिंसक हुई भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की.
कई प्रदर्शनकारी घायल
प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियां फूंक दी और कलेक्टोरेट भवन को आग के हवाले कर दिया. इसी दौरान बीच-बचाव कर रहे पुलिस के जवान पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए थे.
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