रायपुर. भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों के सफर को सुगम और हाई-टेक बनाने की दिशा में नए कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल ने एक ऐसी अभिनव पहल की शुरुआत की है, जो स्टेशन पर कदम रखते ही यात्रियों की आधी उलझनें चुटकियों में दूर कर देगी. जल्द ही रायपुर रेलवे स्टेशन पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित डिजिटल पैसेंजर नेविगेशन और वे-फाइंडिंग सिस्टम “मार्गदर्शक” प्रायोगिक तौर पर शुरू होने जा रहा है.
यह तकनीक उन मुसाफिरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो पहली बार रायपुर स्टेशन पहुंचते हैं या फिर ट्रेन छूटने की हड़बड़ी में अनजान रास्तों पर अपनों या जरूरी सुविधाओं को तलाशते नजर आते हैं.
क्यों पड़ी इस ‘डिजिटल कंपास’ की जरूरत?
रायपुर रेलवे स्टेशन देश के व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में यात्री देश के कोने-कोने से आते-जाते हैं. विशाल परिसर, कई प्लेटफॉर्म, अलग-अलग एंट्री-एग्जिट गेट और खान-पान या विश्राम गृह जैसी ढेरों सुविधाएं होने के बावजूद कई बार यात्रियों को सही जानकारी न मिलने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार बुजुर्गों और कम समय में ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की ट्रेनें सिर्फ इसलिए छूटते-छूटते बचती हैं क्योंकि वे सही प्लेटफॉर्म या लिफ्ट का रास्ता नहीं ढूंढ पाते.
इसी मैदानी हकीकत को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पारंपरिक पूछताछ काउंटरों से एक कदम आगे बढ़कर ‘स्मार्ट डिजिटल मार्गदर्शन’ का यह नायाब रास्ता निकाला है.
एक क्लिक पर खुलेगा पूरा स्टेशन का नक्शा
“मार्गदर्शक” प्रणाली के जरिए यात्रियों को अपने मोबाइल या स्टेशन पर उपलब्ध डिजिटल माध्यमों पर एक इंटरैक्टिव मैप मिलेगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह यात्रियों को सिर्फ यह नहीं बताएगा कि कौन सी सुविधा कहां है, बल्कि उन्हें “वहां तक पहुंचने का सटीक और सबसे छोटा रास्ता (वे-फाइंडिंग)” भी लाइव गाइड करेगा.
इस डिजिटल मैप में क्या-क्या देख सकेंगे यात्री ?
- सही प्लेटफॉर्म की सटीक लोकेशन और रूट
- एसी/नॉन-एसी प्रतीक्षालय (Waiting Room)
- पुरुष और महिला शौचालय की सही दिशा
- भारी सामान के साथ सफर करने वालों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर
- मुख्य प्रवेश और निकास द्वार (Entry/Exit Gates)
- पार्किंग और कैब/ऑटो पिक-अप जोन
- टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्र
