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Raipur: इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग…आरोपी को 10 साल की कठोर सजा

CG News

भैरमगढ़ में नाबालिग से गैंगरेप

Raipur News: रायपुर में इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, उसका वीडियो बनाने और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है. साथ ही पीड़िता को मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए चार लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है.

ये पूरा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है. प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय पॉक्सो) गिरीश कुमार मंडावी की अदालत में हुई. शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मोनिष बोस ने पैरवी की. अभियोजन के अनुसार आरोपी विष्णु सोनी (24), निवासी निगम कॉलोनी आमापारा, की वर्ष 2021 में आरंग से रायपुर कोचिंग करने आई नाबालिग से इंस्टाग्राम के जरिए पहचान हुई थी. बातचीत बढ़ने के बाद दोनों में दोस्ती हो गई. आरोप है कि आरोपी ने प्रेम संबंध में फंसाकर जुलाई से अगस्त 2021 के दौरान पीड़िता को रायपुर के बालाजी होटल ले जाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसी दौरान उसने पीड़िता का वीडियो भी बना लिया.

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे 10 लाख

बाद में आरोपी ने वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. वीडियो डिलीट करने के बदले उसने 10 लाख रुपए की मांग की। आरोपी की धमकी से परेशान पीड़िता वीडियो मिटवाने की उम्मीद में घर से शादी के लिए रखे सोने-चांदी के जेवर लेकर रायपुर आई और आरोपी को सौंप दिए. इसके बावजूद आरोपी ने वीडियो डिलीट नहीं किया और उसे लगातार धमकाता रहा.

चाकू दिखाकर बस से उतारा, होटल ले जाकर किया दुष्कर्म

अभियोजन के अनुसार एक अन्य घटना में पीड़िता रायपुर से बिलासपुर जाने के लिए बस में सवार हुई थी। आरोपी वहां पहुंचा और चाकू दिखाकर उसे बस से उतार लिया. इसके बाद उसे होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया. बाद में पीड़िता को आरोपी के अन्य लड़कियों से भी संबंध होने की जानकारी मिली. आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को बार-बार बुलाता और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा. पीड़िता ने 24 अक्टूबर 2024 को आजाद चौक थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई.

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साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ठहराया दोषी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के समक्ष गवाहों और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. अदालत ने पीड़िता को मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए चार लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश जारी किया.

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