Raipur: राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है. आंदोलन के तहत संविदा शिक्षक-कर्मचारी दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक और अन्य कर्मचारी जुटे हैं.
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक-कर्मचारियों का धरना
प्रदर्शनकारी नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि, सेवा सुरक्षा, शासकीय सुविधाओं का लाभ सहित कुल छह प्रमुख मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से संविदा पर सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा.
स्पोर्ट्स टीचर कर रहे लंबित भर्ती को लेकर की मांग
दूसरी तरफ दुर्ग में प्रदेशभर से आए सैकड़ों व्यायाम शिक्षक (स्पोर्ट्स टीचर) अपनी लंबित भर्ती की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मिलने पहुंचे. शिक्षकों ने आरोप लगाया कि हाल ही में घोषित 3000 शिक्षकों की भर्ती में स्पोर्ट्स टीचर का एक भी पद शामिल नहीं किया गया, जिससे प्रदेश के हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. उन्होंने कहा कि पहले भर्ती में व्यायाम शिक्षकों के करीब 300 पद प्रस्तावित थे, लेकिन अंतिम विज्ञापन से इन्हें हटा दिया गया और अन्य विषयों के पद बढ़ा दिए गए.
स्पोर्ट्स टीचर रामेश्वरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में प्राथमिक स्तर से शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया गया है. इसके लिए पाठ्यपुस्तकें भी जारी हो चुकी हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से नीति का उद्देश्य अधूरा रह गया है. उनका कहना था कि स्कूलों और खेल विभाग में स्पोर्ट्स शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है, जिसका असर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन पर भी पड़ रहा है।शिक्षकों ने बताया कि व्यायाम शिक्षक के पदों पर अंतिम भर्ती वर्ष 2019 में हुई थी.
