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छत्तीसगढ़ः एथेनॉल का असर! त्योहारी सीजन से पहले शक्कर के दाम बेलगाम… डिप्टी सीएम ने कही ये बात

रायपुर. त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर की कीमतों में अचानक तेज उछाल ने बाजार को हैरान कर दिया है. करीब डेढ़ माह पहले तक थोक बाजार में 42 से 43 रुपए किलो बिकने वाली शक्कर अब 69 से 71 रुपए किलो तक पहुंच गई है. यानी डेढ़ माह में कीमतों में करीब 28 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. शक्कर की कीमतों में इस तेजी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ रहा है. वहीं, आने वाले दिनों में मिठाई और बेकरी उत्पाद भी महंगे होने की आशंका है. इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव का भी बयान सामने आया है.

उन्होंने कहा है कि कीमतों में बढ़ोतरी की परिस्थितियां वैश्विक स्तर पर बनी हैं.उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी और जल्द ही परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी.
थोक कारोबारियों के मुताबिक बाजार में शक्कर की आवक कम हुई है और सीमित स्टॉक के कारण कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है. गन्ने से एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के रस और शीरे के उपयोग में बढ़ोतरी का असर चीनी उत्पादन पर भी पड़ा है. इस सीजन में गन्ने और चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहने के कारण बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की बात कारोबारी बता रहे हैं.

डेढ़ माह में 28 रुपए बढ़े दाम

राजधानी के थोक विक्रेता के मुताबिक जुलाई में शक्कर का थोक भाव 42 से 43 रुपए किलो था. अब ये बढ़कर 69 से 71 रुपए किलो तक पहुंच गया है. कीमत बढ़ने के कारण मांग में भी कमी आई है. थोक विक्रेता ने बताया कि शक्कर के दाम में अचानक काफी उछाल आया है. गुरुवार को थोक बाजार में 69 से 71 रुपए किलो तक शक्कर की बिक्री हुई. आने वाले दिनों में कीमत किस स्तर तक पहुंचेगी, फिलहाल इसका अनुमान लगाना मुश्किल है.

एथेनॉल उत्पादन का भी असर

कारोबारियों के अनुसार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के लिए गन्ने और उसके रस का उपयोग बढ़ने से चीनी उत्पादन के लिए उपलब्ध गन्ने की मात्रा प्रभावित हुई है. उत्पादन में कमी और सीजन के अंतिम दौर में सीमित स्टॉक के कारण बाजार में आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है. यही वजह है कि शक्कर की कीमतों में तेजी बनी हुई है. राजधानी समेत पूरे प्रदेश में शक्कर की आवक मुख्य रूप से महाराष्ट्र के बीड, लातूर सहित अन्य क्षेत्रों से होती है. इन क्षेत्रों से आवक प्रभावित होने का असर स्थानीय थोक बाजार पर भी दिखाई दे रहा है.

त्योहारों में मिठाई महंगी होने की आशंका

आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार हैं. इन अवसरों पर मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में शक्कर के दाम में मौजूदा तेजी जारी रही तो इसका असर मिठाई और बेकरी उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है. कारोबारियों का मानना है कि शक्कर के दाम बढ़ने से त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को मिठास के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है.

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