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CG News: क्यों लोग काट रहे अपना गला? 18 महीने में 28 मामले आए सामने, अबिकापुर मेडिकल अस्‍पताल ने बचाई कई लोगों की जान

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सांकेतिक तस्‍वीर

CG News: छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन और जिंदगी से परेशान होकर पिछले 18 महीने में 14 लोगों ने गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जिंदगी बचा ली, वहीं समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण दो लोगों की मौत भी हो गई. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अब इस पर रिसर्च कर रहा है.

दरअसल, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हैरान और परेशान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसके मुताबिक 15 से 25 साल उम्र के लोगों ने गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की है, जिसमें 30 प्रतिशत लड़कियां भी शामिल हैं. इतना ही नहीं इसके बाद 25 से 40 साल उम्र के लोग भी इसमें शामिल है, लेकिन उनकी संख्या 35 प्रतिशत ही है.

28 लोगों ने काटा गला

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 2025-26 और वर्तमान में 2026-27 में 28 ऐसे मरीज पहुंचे जिनके गला कटा हुआ था. डॉक्टरो के मुताबिक 2025-26 में 10 लोग गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, वहीं 2026-27 यानी इस साल 8 महीने के भीतर ऐसे 18 केस सामने आए हैं लेकिन सबसे बड़ी बात है कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण डॉक्टरों ने लोगों की जिंदगी बचा ली.

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज ने बचाई मरीजों की जिंदगी

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता का कहना है कि लगातार गला काटकर आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. लेकिन अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में समय पर पहुंचने वाले मरीजों की जिंदगी बचाई गई है इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अब पूरी तरीके से चौकन्ना रहता है.

इसके लिए डॉक्टरों की एक पूरी टीम तैयार रहती है और घटना के बाद जैसे ही उन्हें सूचना मिलती है कि गला काटकर कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसे अस्पताल लाया जाता है. अस्‍पताल में प्रबंधन पहले से ही पूरी तरीके से उसके ऑपरेशन के लिए एक्टिव रहता है.

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि 28 मरीज काफी गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे थे और अगर सामान्य गला काटने की कोशिश या हमले से गले में हल्का चोट लगने की घटनाओं के बाद अस्पताल पहुंचने. इन मरीजो के आंकड़ों को जोड़ दें तो 50 से अधिक मामले पिछले 2 साल में सामने आए हैं.

डॉक्टर लगातार गला काटकर आत्महत्या और गुस्से में आकर दूसरे के गले को धारदार हथियार से काटने की घटनाओं की वजह डिप्रेशन को बता रहे हैं लेकिन इसे एक नया ट्रेंड बताया जा रहा है.

अब जानिए कुछ घटनाओ को

अंबिकापुर के सुभाषनगर गांधीनगर क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को एक लिव-इन कपल द्वारा कथित तौर पर खुद का गला काटने का एक गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना में 28 वर्षीय युवक (मोहन पैकरा) की मौत हो गई, जबकि 26 वर्षीय युवती (महिमा सिदार) घायल है, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है.

सूरजपुर जिले के नेहरू पार्क में 26 जुलाई 2026 की रात एक प्रेमी द्वारा अपनी प्रेमिका की गला रेतकर बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था. युवक ने अपनी प्रेमिका राधिका राजवाड़े का गला रेत दिया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थीं.

13 अगस्त 2024 को रायगढ़ जिले में पंचराम मांझी ने अपनी पत्नी धरमकुमारी का कत्ल धारदार हथियार से गला रेतकर किया था, हमले के वक्त उसकी पत्नी अपने बेडरूम में सो रही थी. पत्नी को मौत की नींद सुलाने के बाद आरोपी पंचराम ने खुद घर की छत से लटक कर फांसी लगा ली थीं.

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