Vistaar NEWS

Ambikapur: खाद की कालाबाजारी पर कृषि मंत्री ने उपसंचालक को लगाई फटकार, कहा- खाद माफिया से सांठगांठ रखने वालों पर करें कार्रवाई

Agriculture Minister Ramvichar Netam reprimanded the Deputy Director.

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उपसंचालक को लगाई फटकार

Ambikapur News: सरगुजा जिले में लगातार सामने आ रहे खाद की कालाबाजारी के मामलों पर प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कड़ी नाराजगी जताई है. गुरुवार को अंबिकापुर प्रवास के दौरान उन्होंने कृषि विभाग के उप संचालक पीतांबर सिंह दीवान को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद की कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पिछले साल भी दिए थे कार्रवाई के निर्देश

दरअसल, सरगुजा जिले में खाद की कालाबाजारी कोई नया मामला नहीं है. पिछले वर्ष भी किसानों से लगातार शिकायतें मिलने पर कृषि मंत्री ने तत्कालीन फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर जे. आलम को हटाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद जे. आलम को अंबिकापुर से हटा दिया गया था. हालांकि जारी आदेश में हटाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया था.

उनकी जगह सोहन भगत को फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर बनाया गया, लेकिन कुछ महीनों बाद वे रिश्वत लेते हुए पकड़े गए. इसके बाद विभाग ने दोबारा जे. आलम को फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी सौंप दी. इसके बाद जिले में खाद की कालाबाजारी बढ़ती गई.

नोटिस तक सीमित कार्रवाई

खाद की कालाबाजारी के मामलों में कृषि विभाग की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने और खाद जब्त करने तक सीमित है. जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कालाबाजारी में पकड़े जाने पर संबंधित लाइसेंसी दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाए और संचालक के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए.

इन निर्देशों का पालन नहीं होने से खाद माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. हालात यह हैं कि किसानों को 266 रुपये की यूरिया की बोरी 700 रुपये तक में खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

मंत्री ने कहा- संरक्षण देने वालों पर भी हो कार्रवाई

अंबिकापुर पहुंचने पर कृषि मंत्री का स्वागत करने रेलवे स्टेशन पहुंचे उप संचालक पीतांबर सिंह दीवान को मंत्री ने बाद में अपने सरकारी आवास पर बुलाकर खाद की कालाबाजारी पर नाराजगी जताई. मंत्री ने पूछा कि खाद माफियाओं को संरक्षण देने वाले कर्मचारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए तथा ऐसे अधिकारियों की तैनाती की जाए जो कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगा सकें.

नवानगर मामले में भी विभाग पर उठे सवाल

चार दिन पहले सरगुजा जिले के नवानगर में खाद की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया था. आरोप है कि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानबूझकर सख्त कार्रवाई नहीं की और संबंधित गोदाम को सील भी नहीं किया. अधिकारियों ने यह कहते हुए कार्रवाई टाल दी कि खाद व्यापारी उत्तर प्रदेश गया हुआ है, इसलिए गोदाम की जांच नहीं हो सकती. जबकि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत तहसीलदार या एसडीएम की मौजूदगी में पंचनामा बनाकर गोदाम का ताला तोड़कर जांच और सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती थी. इस मामले में विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

सरकारी खाद गोदाम का किया निरीक्षण

अंबिकापुर प्रवास के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सरकारी खाद गोदाम का भी निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में खाद की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए और किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए.

अब देखने वाली बात होगी कि कृषि मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद कृषि विभाग वास्तव में खाद माफियाओं और उन पर मेहरबानी दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर मामला एक बार फिर केवल निर्देशों तक ही सीमित रह जाता है.

ये भी पढे़ं- Balrampur: प्रभारी DEO मनीराम यादव पर करोड़ों के घोटाले का आरोप, अपर कलेक्टर को नहीं दिए दस्तावेज, कमिश्नर से कार्यवाही की मांग

Exit mobile version