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अंबिकापुर में आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी मरीज दिखाकर लाखों का क्लेम, घेरे में पांच प्राइवेट अस्पताल

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अंबिकापुर में आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा

Fake Patients Lakhs Claim Scam: अंबिकापुर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. अंबिकापुर के निजी अस्पतालों के द्वारा मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत सिर्फ कागज में भर्ती किया जा रहा है, और उसके बाद मरीज का इलाज के नाम पर क्लेम करते हुए लाखों रुपए सरकार से लिए जा रहे हैं.

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, फर्जी मरीज दिखाकर लाखों का क्लेम

इसका खुलासा आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी की टीम के द्वारा पिछले दिनों कुछ निजी अस्पतालों की जांच के बाद हुआ है. अंबिकापुर के निजी अस्पताल केडी अस्पताल में आयुष्मान भारत की टीम जांच के लिए पहुंची तब आयुष्मान योजना के तहत कागजों में 29 मरीजों को भर्ती करना बताया गया लेकिन भौतिक सत्यापन जब किया गया तब अस्पताल में इस योजना के तहत भर्ती 20 मरीज ही मिले.

हैरानी की बात तो यह है कि इसके बाद आयुष्मान भारत के अधिकारियों के द्वारा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया और जब आप मांगा गया. इसके जवाब में अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी की शेष 9 मरीज आईसीयू यूनिट में भर्ती थे. दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है कि आखिर आईसीयू में जो मरीज भर्ती थे तब इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन के द्वारा उसे समय क्यों नहीं दी गई जब आयुष्मान भारत की टीम जांच कर रही थी मतलब साफ है कि कागज में मरीजों को भर्ती किया जा रहा था.

खुलासे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं

इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद भी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना जिला प्रशासन के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़ा कर रहा है क्योंकि पहले भी इस बात का खुलासा हो चुका है कि ग्रामीण क्षेत्र से स्वस्थ लोगों को अस्पताल में लाकर भर्ती कराया जाता है, और फिर आयुष्मान कल्याण कर अलग-अलग बीमारी बात कर सरकार से रुपए लिए जा रहे हैं.

दूसरी तरफ पूरे मामले में कार्यवाही करने के बजाय आयुष्मान भारत के अधिकारियों ने अस्पताल को क्लीन चिट अपनी तरफ से दे दिया है. दूसरी तरफ अंबिकापुर के कई अस्पतालों में इस तरीके की गड़बड़ी सामने आ चुकी है और कई अस्पताल में गड़बड़ी की जा रही है. जानकारों का कहना है कि अंबिकापुर में लगातार नए-नए हॉस्पिटल खुला रहे हैं और इसी तरीके से फर्जीवाड़ा कर सरकार को हर महीने करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है.

घेरे में पांच प्राइवेट अस्पताल

आयुष्मान भारत के नोट अधिकारी डॉक्टर राजेश भाजगावली ने बताया कि अंबिकापुर शहर के मां महामाया अस्पताल, केडी अस्पताल सहित कुल पांच अस्पताल में गड़बड़ी मिली थी. इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया था और नोटिस का उन्होंने जवाब दिया. हालांकि नोटिस का जवाब इतना संतोष जनक कैसे हो गया इस पर भी सवाल है.

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