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Ambikapur: गैंगस्टर शब्बीर के ट्रांसपोर्ट कंपनियों में निवेश के नहीं मिले सबूत, संचालक बोले- बदनाम करने की साजिश

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गैंगस्टर शब्बीर आलम मामले में पुलिस को ट्रांसपोर्ट कंपनियों में निवेश के सबूत नहीं मिले

Ambikapur News: गैंग्स ऑफ़ वासेपुर फिल्म से चर्चित वास्तविक घटनाक्रम के मुख्य आरोपी और कथित गैंगस्टर शब्बीर आलम के अंबिकापुर की ट्रांसपोर्ट कंपनियों में निवेश की चर्चाओं के बीच पुलिस की जांच जारी है. हालांकि, अब तक की जांच में पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि शब्बीर आलम का पैसा राजहंस ट्रांसपोर्ट या समीम ट्रांसपोर्ट में निवेश किया गया है.

मामले की जांच जारी

जानकारी के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से सरगुजा पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है. पुलिस ने राजहंस ट्रांसपोर्ट और समीम ट्रांसपोर्ट के दस्तावेजों की जांच की है. कंपनियों के संचालकों ने भी सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई है. दस्तावेजों के परीक्षण के बाद फिलहाल पुलिस को निवेश संबंधी कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं.

संचालक ने लगाए दुष्प्रचार के आरोप

इस मामले में समीम ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक इरशाद आलम ने विस्तार न्यूज़ से विशेष बातचीत में कहा कि उनकी कंपनी लगभग 60 वर्षों से परिवहन व्यवसाय में कार्य कर रही है और जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है.

छवि खराब करने की कोशिश हो रही

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बस ऑपरेटर उनकी कंपनी की छवि खराब करने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम गैंगस्टर शब्बीर आलम के साथ जोड़कर दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं. उन्होंने कहा कि, आरोप लगाए जा रहे हैं कि बैदुल ने झारखंड पुलिस के कब्जे से गैंगस्टर को भगाने में सहयोग दिया जबकि उसे दौरान बैदुल छत्तीसगढ़ में नहीं थे. इसकी भी जांच कराई जा सकती है.

फरार शब्बीर की तलाश में जुटी पुलिस

उधर, झारखंड और सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम फरार आरोपी शब्बीर आलम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पहले झारखंड पुलिस शब्बीर को पकड़ने अंबिकापुर पहुंची थी, लेकिन कथित तौर पर स्थानीय लोगों के सहयोग से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इस दौरान पुलिस टीम को भी विरोध का सामना करना पड़ा था.

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प्रारंभिक जांच में निवेश के सबूत नहीं

शब्बीर के फरार होने में सहयोग करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. झारखंड पुलिस ने अंबिकापुर के कोतवाली थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है. पुलिस ऐसे सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है.

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन या निवेश के प्रमाण सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं, अभी तक की जांच में ट्रांसपोर्ट कंपनियों में गैंगस्टर के निवेश की पुष्टि नहीं हुई.

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