Surguja News: सरगुजा जिले के सीतापुर स्थित लक्ष्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग में पढ़ाई कर रहे 200 से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज का इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) में पंजीयन नहीं है. विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें कॉलेज में प्रवेश के समय इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई और अब मामले की जानकारी सामने आने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
छात्रों के मुताबिक नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे छत्तीसगढ़ से बाहर नौकरी करना चाहते हैं, लेकिन कॉलेज के इंडियन नर्सिंग काउंसिल से पंजीकृत नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें आशंका है कि दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए आवेदन करने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही केंद्र सरकार की नौकरियों में भी अप्लाई नहीं कर पाते. इसको लेकर विद्यार्थियों में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है.
कॉलेज परिसर में प्रदर्शन की तैयारी
मामले से नाराज विद्यार्थियों ने मंगलवार 25 अगस्त को कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करने की बात कही है. छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें लंबे समय तक स्थिति की सही जानकारी नहीं दी. विद्यार्थियों ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जहां आवश्यक मान्यता और पंजीयन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
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सरगुजा के कई नर्सिंग कॉलेजों पर उठ रहे सवाल
विद्यार्थियों का दावा है कि सरगुजा जिले में ऐसे कई नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं, जिनका इंडियन नर्सिंग काउंसिल से पंजीयन नहीं है. इसके अलावा कुछ संस्थानों में नर्सिंग शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन और सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. इसके बावजूद इन संस्थानों को राज्य स्तर पर मान्यता मिलने को लेकर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं.
छात्रों की क्या मांग है?
छात्रों की मांग है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच करे और कॉलेजों की मान्यता, पंजीयन, संसाधनों तथा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति सार्वजनिक की जाए, ताकि पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
इस पूरे मामले को लेकर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से मिलने के लिए कॉलेज के स्टूडेंट पहुंचे और उन्होंने कलेक्टर को आवेदन देखकर मांग की है कि इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए. दूसरी तरफ इस सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों ने कहा है कि अगर नेशनल काउंसिल से कॉलेज का पंजीयन नहीं होता है तो वह अपना एडमिशन वापस ले लेंगे और यहां पढ़ाई नहीं करेंगे. इतना ही नहीं छात्रों ने अभी आरोप लगाया है कि कॉलेज में लैब दिखावे के लिए है और प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है.
