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Ambikapur: 16 साल में नहीं बना विश्वविद्यालय, करोड़ों के घोटाले पर फूटा छात्रों का गुस्सा, NH-343 जामकर किया प्रदर्शन

Ambikapur

Ambikapur: अंबिकापुर के संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और 16 वर्षों से अधूरे पड़े नए परिसर के मुद्दे पर शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने अंबिकापुर-रामानुजगंज नेशनल हाईवे-343 पर चक्काजाम कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

16 साल में नहीं बना विश्वविद्यालय, करोड़ों का हुआ घोटाला

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा और साफ-सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. छात्रों का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों पर प्रतिमाह करीब 9 लाख रुपये और फिनायल व साफ-सफाई सामग्री की खरीद पर 3 लाख रुपये से अधिक खर्च दर्शाया जाता है, जबकि परिसर में न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक दिखाई देती है. छात्रों ने इन खर्चों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे बड़े घोटाले का मामला बताया.

छात्रों का फूटा गुस्सा

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के नए परिसर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया. उनका कहना है कि 16 साल पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. छात्रों ने सवाल उठाया कि आखिर इतने वर्षों में निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. छात्रों ने विश्वविद्यालय तक जाने वाली करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली को भी प्रशासन की विफलता बताया. उनका कहना है कि सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि बरसात में विश्वविद्यालय पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

छात्रों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

एबीवीपी के छात्र नेता रोनी मिश्रा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह विश्वविद्यालय सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज के पिता संत गहिरा गुरु के नाम पर स्थापित है. उन्होंने आरोप लगाया कि 16 वर्षों बाद भी विश्वविद्यालय का नया परिसर तैयार नहीं होना शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के नाम और विरासत का सम्मान है तो अधूरे निर्माण और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर तत्काल जवाबदेही तय होनी चाहिए. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच, अधूरे परिसर का निर्माण और जर्जर सड़क की मरम्मत जल्द शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

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