CG News: बलरामपुर जिले में चेकडैम निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर अनियमितताओं और अधिक मूल्यांकन के मामले में कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी ने बड़ी कार्रवाई की है. जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच रिपोर्ट और कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है.
दरअसल, मार्च 2026 में चेकडैम निर्माण में मानकों की अनदेखी और करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खबरें आई थीं. इन खबरों को गंभीरता से लेते हुए राज्य कार्यालय के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी.
तकनीकी सहायक को कारण बताओ नोटिस
जांच रिपोर्ट में महात्मा गांधी नरेगा एवं वीबी-जी राम जी के तहत कराए जा रहे चेकडैम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मौके पर परीक्षण कराने और माप पुस्तिका (एमबी) में वास्तविक माप दर्ज करने की जिम्मेदारी तकनीकी सहायकों की बताई गई. जांच में तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितताओं के लिए संविदा तकनीकी सहायकों की भूमिका का उल्लेख किया गया.
इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 को तकनीकी सहायक रोहित कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. उनसे जांच में सामने आई निर्माण गुणवत्ता की खामियों और माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा की तुलना में मौके पर कम निर्माण पाए जाने के संबंध में जवाब मांगा गया. रोहित कुमार ने 8 अक्टूबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन प्रशासन ने उसे संतोषजनक नहीं माना.
12 चेकडैम के निर्माण में मिलीं गंभीर खामियां
मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की जांच रिपोर्ट में कुल 12 चेकडैम निर्माण कार्यों की जांच का उल्लेख है. इनमें चेकडैम के अपस्ट्रीम विंग वॉल (दाएं एवं बाएं तरफ) और डाउनस्ट्रीम विंग वॉल के कंक्रीट की गुणवत्ता में खामियां पाई गईं. जांच में कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निम्न श्रेणी की मिली. अधिकांश उप-संरचनाओं की गुणवत्ता भी कमजोर पाई गई. इतना ही नहीं, कंक्रीट की सतह पर प्लास्टर किए जाने की बात भी जांच रिपोर्ट में सामने आई.
5.13 लाख रुपये का अधिक मूल्यांकन
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी सहायक द्वारा मानक प्राक्कलन के आधार पर कुल 5,13,364 रुपये का अधिक मूल्यांकन दर्ज किया गया था. रिपोर्ट में इसे निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही और अनियमितता का संकेत माना गया. जांच रिपोर्ट, कारण बताओ नोटिस के जवाब और संविदा नियुक्ति नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवाएं समाप्त कर दीं. आदेश तत्काल प्रभावशील कर दिया गया है.
इसके अलावा दो अन्य इंजीनियर के खिलाफ भी कार्यवाही हुई है और नोटिस जारी किया गया है. चेकडैम निर्माण की गुणवत्ता में गड़बड़ी और लाखों रुपये के अधिक मूल्यांकन के मामले में हुई इस कार्रवाई से जिले में सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मिला है.
राजनीतिक संंरक्षण में चल रहा था निर्माण कार्य
बता दें कि बलरामपुर जिले में राजनीतिक संरक्षण में घटिया निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा था और इसकी शिकायत भी हो रही थी जिसके आधार पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है बताया जा रहा है कि कमीशन खोरी और स्थानीय बड़े नेताओं के संरक्षण में उनके कार्यकर्ताओं के द्वारा पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाने के बाद भी घटिया काम खुद से कराया जा रहा था और यही वजह है कि पंचायत के सरपंच और सचिव खुलकर इस पर बोल नहीं पा रहे थे.
ये भी पढे़ं- CG News: 11 फर्जी फर्मों के नाम पर 5 करोड़ का फर्जी लोन, बैंक के तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक समेत दो के खिलाफ चालान
