CG News: सूरजपुर जिले में जमीन फर्जीवाड़े के एक पुराने मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. आरोप है कि एक महिला को कागजों में मृत घोषित कर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया और उसी के आधार पर उसकी जमीन का नामांतरण कराकर रजिस्ट्री करा ली गई.
पीड़िता को जब पूरे मामले की जानकारी मिली तो उसने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई. शिकायत की जांच के बाद अब झिलमिली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है.
कैसे हुआ जमीन फर्जीवाड़ा
दरअसल, मामला झिलमिली थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके सौतेले बेटे ने साजिश के तहत उसे दस्तावेजों में मृत दर्शा दिया. आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर पहले राजस्व अभिलेखों में बदलाव कराया गया और फिर उसकी जमीन अपने नाम पर दर्ज कराकर उसकी रजिस्ट्री भी करा ली गई.
जांच में सही मिली शिकायत
मामले की जांच के दौरान शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई. इसके बाद पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार संजय राठौर, संबंधित पटवारी सहित कुल चार लोगों को आरोपी बनाया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है.
एएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि वर्ष 2024 में प्राप्त शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि उसके सौतेले बेटे ने उसे मृत बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी जमीन अपने नाम करवा ली थी. मामले की जांच पूरी होने के बाद तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी सहित कुल चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है.
जांच जारी, गिरफ्तारी की तैयारी
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी.
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