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CG News: रेवतपुर के स्वास्थ्य केंद्र में लटका था ताला, महतारी एक्सप्रेस में हुआ महिला का प्रसव, स्टाफ नर्स सस्पेंड

Health centre was locked; woman gives birth in 'Mahtari Express' (ambulance)

स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर लगा था ताला, महतारी एक्सप्रेस में हुआ महिला का प्रसव

CG News: बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के रेवतपुर गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है. यहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद होने के कारण महतारी एक्सप्रेस वाहन में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. मामले की जांच के बाद स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदूरिया को निलंबित कर दिया गया है.

जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, यह घटना दो दिन पहले की है. रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए पहुंची महिला को स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा. अस्पताल में ताला लटका होने के कारण महिला का प्रसव महतारी एक्सप्रेस वाहन में हुआ. इस दौरान स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई.

मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएमओ ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी. बीएमओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदूरिया को निलंबित कर दिया है. सस्पेंड करने की जानकारी CMHO विजय सिंह ने दी है. इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जीवन दीप समिति के माध्यम से कार्यरत एक अन्य नर्स को भी हटाने का आदेश दिया गया है.

तीन डॉक्टरों समेत 17 कर्मचारी पदस्थ, फिर भी बंद था अस्पताल

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डॉक्टरों समेत कुल 17 कर्मचारी पदस्थ हैं, इसके बावजूद अस्पताल में ताला कैसे लटका रहा? यदि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त अमला पदस्थ है, तो प्रसव जैसी आपात स्थिति में महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं मिल सकी? इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण नाराज

रेवतपुर और आसपास के इलाके में कथित झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि एक ओर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका रहता है, वहीं दूसरी ओर बिना वैध योग्यता के इलाज करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें हैं.

ग्रामीणों का सवाल है कि जब सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी पदस्थ हैं, तो लोगों को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल रहा? स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद रहने की घटना ने विभागीय निगरानी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

अस्‍पताल प्रभारी को नोटिस

फिलहाल, मामले में स्टाफ नर्स के निलंबन, अस्पताल प्रभारी को नोटिस और जीवन दीप समिति के माध्यम से कार्यरत नर्स को हटाने के आदेश के जरिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है. हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सेवाएं सुनिश्चित की जाएं.

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