Korea News: राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए किसानों की जमीन तो अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन आठ साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला. कोरिया जिले में बैकुंठपुर से सूरजपुर के बीच नेशनल हाईवे निर्माण के लिए वर्ष 2018 में अधिग्रहित भूमि के 11 प्रभावित मालिक अब भी अपने हक की राशि का इंतजार कर रहे हैं. वर्षों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद आखिरकार उनका गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा.
मुआवजा नहीं, सिर्फ आश्वासन!
प्रभावित भूमि मालिकों ने प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार आवेदन दिए. अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला. जमीन सरकार ने ले ली, सड़क भी बन गई, लेकिन जिन किसानों की जमीन गई, उन्हें आज तक उनका हक नहीं मिला.
प्रदर्शन के बीच पुलिस तैनात
किसानों के आक्रोश को देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया. प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
ये भी पढ़ें: Korea: नाबालिग की आत्महत्या मामला, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरा समाज, IC मार्ट के बाहर प्रदर्शन
आर्थिक संकट में फंसे किसान
भूमि मालिकों का कहना है कि वर्षों से मुआवजा नहीं मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. बच्चों की पढ़ाई, खेती और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. उनका सवाल है कि जब सरकार ने उनकी जमीन का उपयोग कर लिया, तो फिर भुगतान में आखिर आठ साल की देरी क्यों?
