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Balrampur: राजपुर सरकारी अस्पताल में बड़ी गड़बड़ी! जीवनदीप समिति की बैठक के बिना हुई लाखों की खरीदी

rajpur government hospital major irregularity Purchases worth rupees lakhs without meeting of Jeevandeep Samiti

राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

Balrampur News: बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक में ब्लाक मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे डॉक्टर राम प्रसाद तिर्की के कार्यकाल में 1.60 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि लाखों रुपए जिन अलग-अलग खरीदी और दूसरे कार्यों में खर्च होना बताया जा रहा है उसके लिए जीवनदीप समिति की बैठक ही नहीं हुई है. जीवनदीप समिति के सदस्यों को सूचना देकर बैठक ही नहीं बुलाया गया है.

जानकारी यह भी सामने आ रही है कि 2021 के बाद से कोई आधिकारिक रूप से बैठक आयोजित नहीं की गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर लाखों रुपए खर्च कैसे कर दिया गया जबकि नियम के मुताबिक जीवनदीप समिति की बैठक में प्रस्ताव पास हुए बिना कोई कार्य नहीं हो सकता.

टेंडर जारी नहीं किया गया

आयुष्मान भारत में हुए इस गड़बड़ी पर और भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैं. बताया जा रहा है कि लाखों रुपए का कार्य और खरीदी किया गया लेकिन टेंडर जारी नहीं किया गया जबकि ₹300000 से अधिक की खरीदी या निर्माण कार्य के लिए टेंडर बुलाया जाता है और सूचना प्रकाशित कराई जाती है. वहीं इससे कम राशि की खरीदी के लिए पर्याप्त प्रतिस्पर्धा करते हुए कोटेशन मंगाया जाता है लेकिन यहां भी गड़बड़ी हुई.

अब तक जांच नहीं हो पाई है

बताया जाता है कि राजपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भ्रष्टाचार के कारण अस्पताल में विकास कार्य जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं और अस्पताल की तस्वीर भी नहीं बदल सकी है यहां आने वाले मरीज और उनके परिजनों को कई प्रकार की समस्याओं से हर रोज जूझना पड़ रहा है. दूसरी तरफ लगातार घोटाले और गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद भी विभाग के द्वारा अब तक जांच शुरू नहीं कराया गया है. फिलहाल महालेखाकार की ऑडिट में प्रथम दृष्टया अगर बड़ी सामने आई है.

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दूसरी तरफ करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की जानकारी सामने आने के बाद कई लोगों के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत विभाग में आवेदन भी लगाए गए हैं और जानकारी मांगी गई है. लेकिन अभी तक इस पूरे गड़बड़ी से जुड़े दस्तावेज भी आरटीआई में नहीं दिए गए हैं. जिसकी वजह से विभाग की जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं माना जा रहा है कि अगर पूरे मामले की गंभीरता से जांच टीम गठित कर जांच कराई जाती है तो और भी हैरान करने वाले खुलासे हो सकते हैं.

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