ये है छत्तीसगढ़ के 5 देसी ड्रिंक, जो गर्मी में पेट को देती है ठंडक, पीते ही चढ़ जाता है नशा
श्वेक्षा पाठक
छत्तीसगढ़ के देशी ड्रिंक्स
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है. यहां के खान-पान में जितनी विविधता हैं.उतने ही खास हैं यहां के पारंपरिक पेय (देशी ड्रिंक्स). सदियों से स्थानीय लोग प्राकृतिक संसाधनों से बने इन पेयों का सेवन करते आ रहे हैं.आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के 5 प्रसिद्ध देशी ड्रिंक्स – महुआ, सल्फी, लांडा, सुराम और छिंद के बारे में.महुआ (Mahua)- महुआ छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक पेय है, जो महुआ पेड़ के फूलों से तैयार किया जाता है. ये हल्का मीठा और सुगंधित रहता है. इससे हल्का नशा होता है.सल्फी (Sulfi) – सल्फी एक ताज़ा और ठंडा पेय है, जो सल्फी पेड़ से निकाले गए रस से बनाया जाता है.सुबह ताज़ा रस मीठा और बिना नशे वाला होता है. कुछ घंटों बाद इसमें हल्का नशा आ जाता है.सुराम (Suram) – सुराम एक मजबूत पारंपरिक पेय है, जिसे महुआ या अनाज से बनाया जाता है. ये ज्यादा नशे वाला है.लांडा (Landa) – लांडा एक पारंपरिक चावल आधारित पेय है, जिसे खास तरीके से फर्मेंट करके तैयार किया जाता है.ये हल्का खट्टा होता है.छिंद (Chhind) – इसे छिंद पेड़ (जंगली खजूर) के रस से बनाया जाता है. समय के साथ हल्का फर्मेंट होकर नशीला बन जाता है.छत्तीसगढ़ के ये पारंपरिक देशी ड्रिंक्स न सिर्फ स्वाद में अनोखे हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और जीवनशैली से गहराई से जुड़े हुए हैं.