आज देश का हर नागरिक आजादी के जश्न मे डूबा हुआ नजर आ रहा है. स्कूल-कॉलेज से लेकर प्राइवेट और सरकारी ऑफिस तक हर जगह खुशी का माहौल है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग आजादी का जश्न मना रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस का यह दिन सिर्फ जश्न और समारोह मनाने का नहीं है, बल्कि इस दिन हम उन वीर सपूतों को भी याद करते हैं, जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपनी जान न्योछावर कर दी.
वहीं आज भारतीय सिनेमा भी इन महापुरुषों की गाथाओं और उनके बलिदान को याद दिलाने और नागरिकों से उनका परिचय कराने कलिए कई देशभक्ति फिल्में रिलीज कर चुका है. आज हम आपको ऐसी ही पांच देशभक्ति फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 1947 से पहले के भारत को दिखाती हैं. इन फिल्मों में आप यह झलक भी देख पाएंगे कि किस तरह भारत के वीर सपूतों ने आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत से कड़ा संघर्ष किया था.
लगान
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ देशभक्ति पर आधारित है. इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह पूरा गांव एकजट होकर अंग्रेजों की शर्त को स्वीकार करता है और उनके साथ क्रिकेट मैच खेलता है. इस फिल्म में आमिर खान लीड रोल में हैं.
कहानी के अनुसार, जब अंग्रेज गांव वालों को क्रिकेट खेलने की चुनौती देते हैं, तब किसी भी भारतीय को इस खेल के बारे में कोई जानकारी नही थी. बता दें कि ‘लगान’ 15 जून 2001 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे आप आज के इस खास दिन पर देख सकते हैं.
‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ (2002)
जब देश को आजाद कराने की जिम्मेदारी युवाओं ने संभाली, तो भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई को एक नई राह दिखाई.
‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ केवल उनके जीवन की कहानी नहीं है, बल्कि यह फिल्म भगत सिंह की सोच, उनके डरपोक न होने और देश के लिए खशी-खुशी फांसी पर झूल जाने के उनके बड़े हौसले को बखूबी दर्शाती है. स्वतंत्रता दिवस के इस दिन पर आप फिल्म को देख सकते हैं.
मंगल पांडे (2005)
भारत की आजादी की पहली लड़ाई 1857 में शुरू हुई थी. साल 2005 में आई फिल्म ‘मंगल पांडे – द राइजिंग’ अंग्रेजों के खिलाफ हुई इसी पहली बड़ी बगावत की कहानी है.
फिल्म में आमिर खान ने मंगल पांडे लीड रोल में है, जिनका निडर अंदाज और जोशीले नारे अंग्रेजी सरकार को हिलाकर रख देते हैं. देशभक्ति से री यह फिल्म आज भी हर भारतीय के दिल में देश के लिए गर्व और जोश पैदा करती है.
मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी (2019)
यह फिल्म रानी लक्ष्मीबाई की बहादुरी की कहानी है, जो दिखाती है कि देश के लिए महिलाओं का योगदान कितना महान और निडर था.
कंगना रनौत के बेहतरीन अभिनय से सजी इस फिल्म का हर सीन रोंगटे खड़े कर देता है. देशभक्ति के जोश से भरपूर यह फिल्म हर भारतीय के दिल को अपने देश पर गर्व से भर देती है.
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बॉर्डर
‘बॉर्डर’ फिल्म 1971 के ऐतिहासिक भारत-पाकिस्तान युद्ध पर बनी है, जो देशभक्ति की एक कभी न भूलने वाली कहानी है. इसमें सैनिकों की बहादुरी, उनके बलिदान और उनके परिवारों के दुख को बहुत ही भावुक तरीके से दिखाया गया है.
फिल्म का सुपरहिट गाना ‘संदेसे आते हैं’ आज भी हर भारतीय के दिल को छू लेता है और आंखों में आंसू ला देता है.
