Bilaspur-Katni 7 HDN Projects: मोदी कैबिनेट ने बिलासपुर-कटनी फोर लेन समेत 7 रेलवे ट्रैक को मंजूरी दी है. रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग के बाद इसके बारे में पूरी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में सात रेलवे प्रोजेक्ट को फोन लेन करने की मंजूरी दी है. जिसमें कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मु्ंबई-चेन्नई, बिलासपुर-कटनी फोर लेन रेलवे ट्रैक शामिल है.
#WATCH | Union Cabinet briefing | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "If we look at the most important Railway corridors: 11,000 kms long, 7 high-density corridors, quadrupling, 4-lining of these high-density corridors plus many other corridors are being done; these are… pic.twitter.com/VpP7GcbhWF
— ANI (@ANI) September 9, 2026
केंद्रीय कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के 14 जिलों में फैले 3 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 656 किलोमीटर बढ़ जाएगा. प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की तैयारी है.
बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेलवे लाइन की क्षमता बढ़ने से आवाजाही बेहतर होगी, जिससे भारतीय रेलवे की ऑपरेशनल क्षमता और सर्विस की विश्वसनीयता में सुधार होगा. ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव कामकाज को सुव्यवस्थित करने और भीड़-भाड़ कम करने में मदद करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं.
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अश्विनी वैष्णव ने कहा, “11,000 किलोमीटर लंबे, 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर हैं. इन हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को 4-लेन (क्वाड्रुपलिंग) का बनाया जा रहा है और कई दूसरे कॉरिडोर पर भी काम हो रहा है. ये आने वाले समय में बहुत ज्यादा ट्रैफिक संभालेंगे. दिल्ली से मुंबई, मुंबई से चेन्नई, चेन्नई से कोलकाता और कोलकाता से मुंबई – यह ‘गोल्डन क्वाड्रिलैटरल’ है.”
