‘5 दिन काम करने की नहीं पड़ेगी जरूरत…’, AI बदलेगा नौकरी का तरीका?
AI के कारण बदल रहा काम का तरीका
Five Day Jobs Ending: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बहस तेज है. कोई इसे नौकरी के लिए खतरा बता रहा है, तो कोई इसे काम आसान बनाने वाला सबसे बड़ा टूल मान रहा है. इसी बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म Zoom के CEO Eric Yuan ने भविष्य की नौकरी और वर्क कल्चर को लेकर बड़ा दावा किया है.
युआन का मानना है कि आने वाले समय में लोगों को हफ्ते में पांच दिन काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि AI एजेंट इंसानों के कई रोजमर्रा के काम संभाल लेंगे.
उनके मुताबिक AI आधारित डिजिटल एजेंट ईमेल भेजने, मीटिंग अटेंड करने, शेड्यूल मैनेज करने और कई रूटीन टास्क खुद कर सकेंगे. इससे कर्मचारियों का समय बचेगा और काम का दबाव कम होगा.
3 दिन का वर्क वीक हो सकता है नया मॉडल
रिपोर्ट्स के अनुसार, एरिक युआन ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में 5 दिन की जगह 3 दिन का वर्क वीक आम हो सकता है. उनका कहना है कि AI इंसानों की उत्पादकता कई गुना बढ़ा देगा, जिससे कम समय में ज्यादा काम हो सकेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद पारंपरिक 5 दिन वाले वर्क कल्चर को पसंद नहीं करते हैं. AI की मदद से लोग काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन बना पाएंगे.
क्या सैलरी पर पड़ेगा असर?
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर काम के घंटे कम होंगे तो क्या कर्मचारियों की सैलरी भी घटेगी? फिलहाल इस पर कोई स्पष्ट मॉडल सामने नहीं आया है. हालांकि कई टेक कंपनियां मानती हैं कि AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, इसलिए कंपनियां कम समय में भी समान आउटपुट हासिल कर सकेंगी.
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में कंपनियां कर्मचारियों को घंटों के हिसाब से नहीं, बल्कि रिजल्ट और आउटपुट के आधार पर आंक सकती हैं. वहीं आलोचकों का कहना है कि AI का फायदा कंपनियों को ज्यादा और कर्मचारियों को कम मिल सकता है.
दुनिया भर में बढ़ रही छोटी वर्क वीक की चर्चा
AI के कारण छोटे वर्क वीक की चर्चा सिर्फ Zoom तक सीमित नहीं है. कई बड़े बिजनेस लीडर्स पहले भी 4 दिन या 3.5 दिन के वर्क वीक की संभावना जता चुके हैं. टेक इंडस्ट्री में यह बहस अब तेजी से आगे बढ़ रही है कि AI इंसानों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है.
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