Ajit Pwar Plane Crashed: 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में अजित पवार और 4 अन्य लोग मारे गए थे. ये बस केवल हादसा था या फिर कोई साजिश? ये सवाल इसलिए खड़ा होता है क्योंकि NCP-SP नेता रोहित पवार के बाद अब डिप्टी CM सुनेत्रा पवार ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. दूसरी तरफ विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. जांच एजेंसी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हुए लेयरजेट विमान के दोनों इंडिपेंडेंट ब्लैक बॉक्स पूरी तरह जल चुके हैं.
AAIB ने दिया ने ताजा अपडेट
इस घटना की जांच कर रही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने एयरक्राफ्ट (VT-SSK) एक्सीडेंट की चल रही जांच पर एक ऑफिशियल अपडेट दिया हैं. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी एक बयान में, AAIB ने कहा कि एयरक्राफ्ट में दो इंडिपेंडेंट फ्लाइट रिकॉर्डर, एक डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और एक कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) लगे थे. दुर्घटना के दौरान दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक बहुत ज़्यादा गर्मी में रहे और आग लगने से उनमें बड़ा नुकसान हुआ.
एक्सपर्ट के अनुसार ब्लैक बॉक्स का पूरी तरीके से जलना असंभव
दूसरी तरफ महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने कहा है कि क्रैश विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) आग में खाक हो गए थे. जबकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्लैक बॉक्स 1100° डिग्री में 1 घंटे, 260° डिग्री टेम्परेचर 10 घंटे तक झेल सकता है. अब गौर करने वाली बात ये कि 28 जनवरी को जब हादसा हुआ तब प्लेन जमीन से कुछ ही फीट की ऊंचाई पर था. आग भी सीमित थी. ऐसे में ब्लैक बॉक्स का पूरी तरह से जल जाना असंभव हैं.
डिप्टी सीएम के साथ ये वरिष्ठ नेता थे मौजूद
इस दौरान महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के साथ वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ और पार्थ पवार भी थे. इन सभी नेताओं ने CBI जांच की मांग करते हुए एक पत्र सौंपा है. बता दें कि NCP-SP नेता रोहित पवार ने बीते 10 फरवरी को यह आरोप लगया था कि बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत एक साजिश का हिस्सा हो सकती है. ये आरोप लगाते हुए रोहित पवार ने कहना था कि ‘हमें नहीं लगता कि यह सिर्फ़ एक एक्सीडेंट था. इसमें तोड़फोड़ का शक है.’
चाचा की मौत पर भतीजे ने उठाए कई सवाल
गौरतलब है कि इस दौरान पवार ने पार्टी के नतीजों के अनुसार घटनाओं का क्रम समझाने के लिए अपने भाषण के दौरान 54 पेज का पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दिया था. रोहित पवार ने अपने चाचा की मौत पर कई सवाल उठाए, जिसमें एयरक्राफ्ट के लैंडिंग टाइम पर शक, अचानक शेड्यूल में बदलाव और आखिरी समय में पायलट बदलना शामिल है. उन्होंने फ्लाइट कैप्टन सुमित कपूर, पायलटों की आखिरी बातचीत और VSR कंपनी की भूमिका का ज़िक्र करते हुए कई एक्सपर्ट एजेंसियों से जांच की मांग की.
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