कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, महाभियोग चलाने की हो रही थी तैयारी
यशवंत वर्मा के आवास पर मिले थे जले नोट
Justice Yashwant Verma Resignation: दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन पर जल्द ही कैश कांड में महाभियोग चलाने की तैयारी की जा रही थी. हालांकि उन्होंने इससे पहले ही इस्तीफा दे दिया है. पिछले साल यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित घर में आग लगने के दौरान काफी संख्या में जले हुए नोट बरामद हुए थे. इसके बाद उनका इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया था.
जस्टिस यशवंत के दिल्ली आवास पर 14 मार्च 2025 को कथित तौर पर आधे जली हुई नगदी बरामद की गई थी. इसके बाद ही वे विवादों में आ गए थे. विवाद बढ़ता देख उनका इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया गया था. अगस्त 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 146 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इस मामले में जांच कमेटी जांच कर रही है.
महाभियोग लाने की थी तैयारी
यशवंत वर्मा का पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी चल रही थी. हालांकि इससे पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस्तीफा देने के बाद महाभियोग की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी.
एक साल पहले ही पहुंचे थे इलाहाबाद
यशवंत वर्मा को कैशकांड के बाद इलाहाबाद ट्रांसफर करके भेज दिया गया था. 5 अप्रैल 2025 को ही उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली थी. शपथ लेने के बाद भी वे कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे. ऐसा इसलिए क्योंकि जांच कमेटी ने ही फैसला लिया था कि जब जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक वह किसी भी तरह के फैसलों या फिर केस को नहीं सुन सकते हैं.
इस्तीफा देने के पीछे की नहीं बताई वजह
यशवंत वर्मा ने फिलहाल उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने त्यागपत्र में लिखा, ‘मैं आपके सम्मानित दफ्तर को उन कारणों के बारे में नहीं बताना चाहता जिसकी वजह से मुझे ये पत्र पेश करना पड़ रहा है. इसके बाद भी मैं इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के पद से अपना इस्तीफा दे रहा हूं. यशवंत वर्मा ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया है.
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