‘लोकसभा में दक्षिण का प्रतिनिधित्व बढ़कर 24 परसेंट हो जाएगा’, परिसीमन को लेकर अमित शाह बोले- नहीं घटेगी शक्ति
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह.
Amit Shah on Delimitation: लोकसभा में परिसीमन आयोग को लेकर शंकाओं और विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया है. अमित शाह ने परिसीमने के बाद दक्षिण भारत के 5 राज्यों की लोकसभा में सीटों के गणित को समझाने की कोशिश की है. अमित शाह ने कहा कि परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
‘बड़ा नैरेटिव खड़ा किया गया है’
लोकसभा में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पूरी चर्चा पर सरकार का जवाब तो मैं कल दूंगा. लेकिन अब तक जो चर्चा हुई है, तो मुझे सुनकर लगता है कि देश की जनता को कोई भी भ्रांति नहीं होनी चाहिए. एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है. ये नैरेटिव है कि ये जो तीन विधेयक हैं, इनके कारण दक्षिण की क्षमता लोकसभा में बहुत कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा. मैं आपको बता दूं कर्नाटक राज्य की लोकसभा में 543 में से 28 सीटें हैं. यानी 5.15 प्रतिशत कर्नाटक के सांसद यहां आते हैं. संविधान संशोधन के बाद लोकसभा में कर्नाटक की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी और 816 सीटों में प्रतिशत 5.14 हो जाएगा. इससे जरा सा भी नुकसान कर्नाटक को नहीं होगा.
డీలిమిటేషన్ వల్ల తెలంగాణకు ఎలాంటి అన్యాయం జరగదని నేను తెలంగాణ ప్రజలకు చెప్పాలనుకుంటున్నాను.
— Amit Shah (@AmitShah) April 16, 2026
ప్రస్తుతం ఉన్న 17 సీట్లు 26కు పెరుగుతాయి, అలాగే దామాషా ప్రకారం ప్రాతినిధ్యంలో ఎలాంటి మార్పు ఉండదు. pic.twitter.com/hnfLPL9Z56
‘दक्षिण भारत के सदस्यों का प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.94 हो जाएगा‘
कर्नाटक के अलावा गृहमंत्री ने दक्षिण भारत के अन्य चार राज्यों की भी बात की. अमित शाह ने आगे कहा, दक्षिण का दूसरा राज्य आंध्र प्रदेश है. आंध्र प्रदेश की लोकसभा में अभी 25 सीटें हैं, जो कि कुल लोकसभा सीटों का प्रतिशत प्रतिनिधित्व 4.60 है. लेकिन जब लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी तो आंध्र प्रदेश की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो जाएगी, जो कि प्रतिशत में 4.65 होगा. इसी तरह तेलंगाना में 17 सीटें जो कि 3.13 प्रतिशत है. इसमें भी 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ सीटें 26 हो जाएंगी, जो कि लोकसभा की कुल सीटों का 3.18 प्रतिशत हो जाएगा. तमिलनाडु में 39 सांसद यहां चुनकर आते हैं. यह 543 सीटों का 7.18 परसेंट है. अब सांसद लगभग 59 हो जाएंगे तो यहा कुल सीटों का 7.23 हो जाएगा. केरला में 20 सांसद हैं, जो कि प्रतिशत में 3.68 है. इसी तरह 20 की जगह केरल में 30 सीटें हो जाएंगी, जो कि 3.67 प्रतिशत हो जाएगा.’
अमित शाह ने आगे कहा कि अभी 543 सीटों में 129 सांसद सदन में दक्षिण के राज्यों से हैं. जो कि कुल सीटों का 23.76 प्रतिशत है. लेकिन लोकसभा की सीटें बढ़ने के बाद दक्षिण से 129 की जगह 195 सांसद बैठेंगे, उनकी शक्ति 23.94 यानी लगभग 24 प्रतिशत हो जाएगी. कुल मिलाकर दक्षिण भारत का कुल नैरेटिव बनाया जाता है. इस तरह अमित शाह ने परिसीमन के बाद दक्षिण के 5 राज्यों के गणित को समझाने की कोशिश की है. हालांकि कल यानी शुक्रवार को भी अमित शाह इसको लेकर डिटेल से बात करने वाले हैं.
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