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‘कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए…’, वंदे मातरम् को लेकर CWC के फैसले पर भड़के अमित शाह

Amit Shah

अमित शाह (File Photo)

CWC Vande Mataram Decision: दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें फिर से स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस पार्टी वंदे मातरम् के शुरु के दो ही पैरा गाएगी. अब कांग्रेस के इस रुख को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आश्चर्यजनक और देश विरोधी फैसला बताया है. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है. देश पहले भी ‘वंदे मातरम’ को दो हिस्सों में बंटने देने की गलती कर चुका है और हमने इसके नतीजे भुगते हैं. अब देश को कांग्रेस पार्टी के इस फैसले के खिलाफ एकजुट होना चाहिए और कहना चाहिए कि उनकी तुष्टिकरण की राजनीति अब नहीं चलेगी. पढे़ं अमित शाह ने क्या कहा?

कांग्रेस की बैठक में वंदे मातरम् को लेकर लिए गए फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है. उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के प्रस्ताव को फॉलो करते हुए वंदे मातरम् गीत के 2 ही छंद गाने का फैसला किया है. मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए वंदे मातरम् के 2 टुकड़े करके देश के विभाजन की नींव डाली थी जिसके बाद 2 राष्ट्र के सिद्धांत को ताकत मिली थी.”

देश विभाजन के बाद हुआ पाकिस्तान का जन्म

गृहमंत्री ने आगे कहा, “देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ. जब उस ऐतिहासिक गलती को मोदी सरकार ने सुधारकर और पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को फिर एक बार सुदृढ़ करने का प्रयास किया है. हमने सभी सरकारी फंक्शन में इसे पूरा गाने के निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया है. इसकी अवहेलना का कांग्रेस ने निर्णय किया है. कांग्रेस का यह निर्णय इनकी घोर तुष्टीकरण की नीति की पुष्टि करता है.”

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वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए इन्होंने स्वर्गीय बंकिम बाबू के अमर कृति का न केवल अपमान किया है बल्कि लाखों शहीदों का अपमान किया है जो देश की आजादी का नारा लगाते हुए फांसी पर चढ़ गए थे और जिन्होंने कई साल जेल में काटे थे. आज कांग्रेस पार्टी अपने 1937 के प्रस्ताव को तो मान रही है लेकिन संसद द्वारा बनाए गए कानून को नकार रही है.

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