Jharkhand Anti Naxal Operation: झारखंड के चाईबासा जिले में एंटी नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को एक और कामयाबी मिली है. मुठभेड़ में एक और नक्सली मारा गया है. झारखंड के चाईबासा जिले में हुई एनकाउंटर में अब तक 17 नक्सली ढेर हो चुके हैं. मारे गए माओवादियों में झारखंड का सबसे बड़ा नक्सली पतिराम मांझी भी शामिल है.
‘मुख्यधारा में शामिल हों, नहीं तो अंजाम बुरा होगा’
झारखंड के चाईबासा जिले में चलाए गए ऑपरेशन मेघाबुरु की सफलता को लेकर राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नक्सली बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा अंजाम इससे भी बुरा होगा.
डीजीपी ने बताया कि इस अभियान में भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता अनल दा उर्फ पतिराम माझी समेत कुल 17 नक्सलियों को ढेर किया गया. करीब 35 घंटे तक चले इस सघन अभियान में जिला पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर (जेजे टीम) की अहम भूमिका रही.
‘नक्सलवाद अंतिम दौर में है’
सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह ने कहा कि नक्सली अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहे हैं. उन्होंने बचे हुए नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें, आत्मसमर्पण करें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, नहीं तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी अभियान माइकल राज एस, झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे, डीआईजी इंद्रजीत महथा, डीआईजी अनुरंजन केरकेट्टा, एसपी अमित रेणु समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
नक्सलियों के पास से ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए
झारखंड के चाईबासा जिले में हुई मुठभेड़ में अब तक कुल 17 माओवादी एनकाउंटर में मारे गए हैं. मारे गए माओवादियों में झारखंड का सबसे बड़ा नक्सली पतिराम मांझी भी शामिल है. मारे गए नक्सलियों के पास से AK-47, इंसास, SLR जैसे बड़े ऑटोमैटिक हथियार मिले हैं. झारखंड में नक्सल संगठन को अब तक का ये सबसे बड़ा झटका है. मारे गए माओवादियों के शव ट्रक में भर मुख्यालय लाए जा चुके हैं.
ये भी पढे़ं: भगवानदास के घर अफजल रह रहे’, SIR पर अखिलेश का सवाल- आधार से क्यों नहीं लिंक करना चाहते हैं वोट
