Kartarpur Sahib: पाकिस्तान की तरफ से पंजाब के सीएम भगवंत मान और उनकी पूरी विधानसभा को करतारपुर साहिब आने का न्योता मिला है. यह न्योता पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा की तरफ से दिया गया है. उन्होंने भारतीय नेताओं को करतारपुर साहिब स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया है. न्योता मिलने के बाद अब भगवंत मान का बयान भी सामने आया है.
पूरा मामला पंजाब विधानसभा में 23 अक्टूबर को हुई चर्चा के बाद सामने आया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में बताया था कि उन्हें पाकिस्तान के पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नजमी की ओर से लाहौर में आयोजित होने वाले चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. यह सम्मेलन 27 से 29 नवंबर तक आयोजित होना है.
मान ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के पंजाब की भाषा, संस्कृति और जड़ें एक जैसी हैं. ऐसे में दोनों तरफ के लोगों को आपस में मिलने और बातचीत करने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए सवाल किया था कि जब उन्हें फ्रांस और जापान जैसे देशों में जाने की अनुमति नहीं मिलती, तो पाकिस्तान जाने की मंजूरी कैसे मिलेगी.
पूरी विधानसभा को साथ ले जाने की बात
मान की बात सुनने के बाद पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी इच्छा जताई थी. अगर मुख्यमंत्री को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलती है, तो वह विधानसभा के सदस्यों को भी अपने साथ ले जाएं. इसके बाद मान ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग उठाई. ताकि पक्ष और विपक्ष के विधायक एक साथ गुरुद्वारा दरबार साहिब और ननकाना साहिब के दर्शन कर सकें.
अब केंद्र की मंजूरी पर टिकी नजरें
पाकिस्तान की ओर से निमंत्रण मिलने के बावजूद इस यात्रा का रास्ता आसान नहीं है. भगवंत मान और विधानसभा के सदस्यों को पाकिस्तान जाने के लिए जरूरी सरकारी अनुमति और सुरक्षा संबंधी मंजूरियां हासिल करनी होंगी. भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण इस संभावित दौरे पर सबकी नजरें टिकी हैं.
ये भी पढ़ें:राहुल गांधी केस में वकील की दलील पर भड़के CJI, क्यों बोले- न्यूज चैनल से बात करके आए?
