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किसानों के लिए डिजिटल क्रांति, AI-संचालित ‘Bharat-Vistaar’ बदल देगी खेती की तस्वीर, शिवराज सिंह चौहान मान रहे तुरुप का पत्ता

shivraj singh chouhan

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)

Bharat Vistaar AI Tool: भारत का खेतिहर समाज अब पिछड़ा नहीं, बल्कि AI तकनीक से लैस होने जा रहा है. जिस तरह से यूपीआई पेमेंट सेक्टर में भारत ने लोहा मनवाया, वैसी ही क्रांति अब भारत के किसान AI सेक्टर में लाने जा रहे हैं. केंद्र सरकार 16 फरवरी 2026 को जयपुर में भारत-विस्तार (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) नामक एक AI-संचालित उपकरण लॉन्च करने जा रही है, जो कई सारी भाषाओं में अपनी सुविधा मुहैया कराएगा. यह टूल किसानों को उनकी मातृभाषा में कृषि संबंधी हर जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इसकी शुरुआत करेंगे.

भारत-विस्तार AI टूल की घोषणा कब हुई थी?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को अपने बजट भाषण में भारत-विस्तार की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि यह मल्टी-लैंग्वेज AI टूल एग्रीस्टैक पोर्टल्स और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के खेती से जुड़े तमाम पैकेज को AI सिस्टम से जोड़ेगा. इससे फसल उत्पादकता बढ़ेगी, किसान बेहतर निर्णय ले सकेंगे और जोखिम कम होगा. 2026-27 के लिए इस परियोजना पर 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

भारत-विस्तार AI टूल कैसे काम करेगा?

भारत-विस्तार से किसानों को क्या लाभ होगा?

यह टूल किसानों को फसल नियोजन, पैकेज ऑफ प्रैक्टिस, कीट प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान, बाजार भाव, सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं देगा. लॉन्च के साथ ही 10 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की डिटेल उपलब्ध होगी, जैसे पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY), सॉइल हेल्थ कार्ड, संशोधित ब्याज सबवेंशन स्कीम, सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और किसान क्रेडिट कार्ड. साथ ही मौसम एवं कीट अलर्ट भी मिलेंगे.

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भारत-विस्तार क्या है?

भारत-विस्तार केवल एक ऐप नहीं, बल्कि राष्ट्रीय डिजिटल बैकबोन है जो केंद्र-राज्य प्रणालियों को एकीकृत करेगा, साथ ही साथ राज्यों की स्वायत्तता बरकरार रखेगा. यह भारत AI मिशन, भाषिणी और राष्ट्रीय AI इकोसिस्टम का लाभ उठाएगा. गैर-लाभकारी संगठन, AI स्टार्टअप्स, टेक कंपनियां और उत्कृष्टता केंद्र इसके विकास में सहयोग करेंगे. कुल मिलाकर यह इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जहां किसानों की फीडबैक सीधे सरकारी सिस्टम में जाती है. इससे नीति-निर्माण सबूत-आधारित होगा और अनुसंधान की प्राथमिकताएं तय होंगी.

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