Bihar Politics: बिहार में होने वाले विधान परिषद के चुनावों से पहले यहां अलग ही सियासी रंग देखने को मिल रहा है. जेडीयू विधायक अनंत सिंह जनसुराज उम्मीदवार के समर्थन में खुले तौर पर आ चुके हैं. उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि जन सुराज के उम्मीदवार की 500 प्रतिशत जीत होगी. जेडीयू से अलग रुख अपनाने और अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाने की भी उन्होंने वजह बताई है. इसके साथ ही अनंत ने कहा कि नीतीश कुमार मनाते तो मैं मान भी जाता, लेकिन अभी तक नीतीश कुमार ने मुझे कुछ नहीं कहा है.
विधायक अनंत सिंह खुले तौर पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ हैं, पार्टी की तरफ से दोनों नेताओं के बीच तालमेल बनाने की भी कोशिश की गई थी. हालांकि सब ठीक नहीं हो पाया है. इस पूरे विवाद पर अब तक JDU के बड़े नेता जैसे नीतीश कुमार और ललन सिंह का भी कोई बयान सामने नहीं आया है.
पार्टी को अनंत की खुली चुनौती
अनंत सिंह ने खुले तौर पर पार्टी से ही कह दिया अब अपना फैसला कर लो. पता कर लें कि पार्टी के लिए हमारा योगदान ज्यादा है या फिर नीरज सिंह का योगदान ज्यादा है. मैंने इस पार्टी के लिए कई ऐसी कुर्बानियां दी हैं जो कोई भी नहीं दे सकता है. अनंत के इस बयान से माना जा रहा है कि वह अब पार्टी से आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं.
ललन सिंह नहीं दे रहे कोई दखल
जेडीयू में जिस तरह की स्थिति बनी है. उसे ठीक करने का जिम्मा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दिया गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि पूरा मामला उन्हीं के इलाके का है. हालांकि अब तक अनंत सिंह की तरफ से इस मामले पर कोई भी बयान सामने नहीं आया है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस खुले विद्रोह पर पार्टी चुप होकर सिर्फ अनंत के नॉर्मल होने का इंतजार कर रही है. नीरज कुमार से विवाद पर अनंत सिंह ने कहा कि इस मसले पर ललन सिंह से बात नहीं हुई है.
JDU के उम्मीदवार की जमानत जब्त करा दो- अनंत
अनंत सिंह न सिर्फ जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के साथ नामांकन दर्ज कराने पहुंचे थे. बल्कि उन्होंने शक्ति प्रदर्शन करते हुए एक रोड शो भी निकाला था. अब वह लोगों के बीच पहुंचकर सीधे तौर पर अपील कर रहे हैं कि अनुज को इतना वोट दो कि जेडीयू उम्मीदवार की जमानत ही जब्त हो जाए.
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