Budget 2026: बजट पेश होने से पहले ही चांदी और सोना की कीमत भर-भराकर गिर गई है. बजट पेश होने के बाद कीमतों में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, क्योंकि सरकार सोने-चांदी पर लगाने वाली कस्टम ड्यूटी को घटाने की तैयारी कर रही है. जिसके बाद सोना और चांदी सस्ते हो जाएंगे. पिछले कई महीनों में देखा गया कि सोना-चांदी की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही है. साल 2025 की अगर बात की जाए तो चांदी की कीमत 170 प्रतिशत के करीब और सोना की कीमत 75 प्रतिशत के करीब बढ़ी है. हालांकि सोने-चांदी के आसमान छूती कीमतों के बीच शुक्रवार को काफी गिरावट दर्ज की गई है. सोना-चांदी में इतनी गिरावट कई सालों बाद दर्ज की गई.
क्या सोना-चांदी हो सकता है सस्ता?
केंद्र सरकार सोना-चांदी पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को घटाने पर विचार कर रही है. वर्तमान मेंम 6 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी और 3 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है. यानी कुल 9 प्रतिशट टैक्स देना पड़ता है. सरकार के अनुसार, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की वजह से सोने की तस्करी काफी तेजी से बढ़ी है. जिसको कम करने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की तैयारी की जा रही है. अगर इंपोर्ट ड्यूटी कम होती है तो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों का अंतर काफी कम हो जाएगा. इससे पहले भी सरकार ने सोने पर लगी इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 15 से 6 प्रतिशत किया था.
क्यों बढ़ी सोना-चांदी की कीमत?
- सोना-चांदी की कीमत बढ़ने की कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह है, भू-स्थिरता. जब अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है तो निवेशक डर कर कहीं भी पैसा लगाने को जोखिम समझते हैं.
- ऐसे में उन्हें सबसे सुरक्षित निवेश सोना-चांदी ही दिखता है और वे इस दौरान तेजी से निवेश करना शुरू कर देते हैं. जिसकी वजह से कीमतों में लगातार उछाल दर्ज की जाती है. इसके अलावा कमजोर डॉलर, डिमांड, सप्लाई में कमी और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी एक वजह है.
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अब चांदी का उपयोग बहुतायत मात्रा में सोलर पैनल, ईवी बैटरी और चिप्स बनाने में किया जाने लगा है, जिसकी वजह से मार्केट में इसकी डिमांड बढ़ गई है. लगातार बढ़ती डिमांड ने कीमतो में उछाल ला दिया. इसके अलावा सप्लाई सीमित रही लेकिन मांग बढ़ती गई, जिसकी वजह से अचानक से कीमतों में काफी बड़ा उछाल आया.
