CBSE Three Language Policy: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की नई गाइडलाइंस जारी हो गई है. बोर्ड की नई गाइडलाइंस के अनुसार मौजूदा 10वीं कक्षा के छात्रों को अब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी. पढ़ें पूरी गाइडलाइन.
CBSE की इस गाइडलाइन से लाखों छात्रों और अभिवावकों को बड़ी राहत मिली है. क्योंकि मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर यह नई त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी. लेकिन जिन छात्रों ने पहले से ही 2 विदेशी भाषाओं का चयन कर रखा है, वे जारी रख सकती है. लेकिन एक अतिरिक्त भारतीय भाषा पढ़ना जरूरी होगा.
गाइडलाइंस में क्या?
- CBSE ने आज सोमवार को जो अपनी नई गाइडलाइन जारी की है. उसके अनुसार, अब छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय और तीसरी भाषा (R3) के रूप में गैर-भारतीय भाषा को चुना जा सकता है.
- मौजूदा छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं है. वे पुराने सिस्टम के तहत ही अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे.
- नियम के मुताबिक, कक्षा 9 के सभी छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य है. इसमें अपनी स्वेच्छानुसार एक विदेशी भाषा का चयन कर सकते हैं. वहीं दो भारतीय भाषा होना जरूरी है.
ये भी पढ़ेंः महाराष्ट्र TET पेपर की डेढ़ करोड़ में होनी थी डील, परीक्षा में खुद फेल होने के बाद करने लगा पेपर लीक
CBSE की तीन-भाषा नीति पर नई गाइडलाइंस
- कक्षा 10 के मौजूदा बैच को नई भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा.
- कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे मौजूदा बैच के छात्रों को कक्षा 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी.
- कक्षा 7, 8 और 9 के जिन मौजूदा बैच के छात्रों ने पहले ही 2 विदेशी भाषाएं ले रखी हैं, वे उन्हीं भाषाओं के साथ-साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) भी पढ़ेंगे.
- कक्षा के हिसाब से सही रिसोर्स मटीरियल एक तय समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाएगा.
- भाषा सीखना सार्थक, दिलचस्प और ज्ञानवर्धक होगा, जिससे सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी.
