CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला. इस दौरान उन्होंने कई किस्से सुनाए, जिसको सुनकर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा. सीएम ने सपा पर तंज कसते हुए ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ वाली स्थिति का जिक्र किया. इसके बाद एक किस्सा सुनाते हुए सीएम योगी ने सपा के समय शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. जानिए सीएम योगी ने क्या कहा?
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी की सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री को बनाया गया था. सीएम योगी ने दावा किया कि जब शिक्षा मंत्री को बताया गया कि यह कार्यक्रम राम प्रसाद बिस्मिल की शहादत दिवस पर आयोजित किया गया है तो उन्होंने वहां पर मौजूद लोगों से सवाल करना शुरू कर दिया. मंत्री ने पूछा, “बिस्मिल्लाह खां को तो अभी कोई पुरस्कार मिला था, उन्हें फांसी क्यों दे दी गई.”
समाजवादी पार्टी के शिक्षा मंत्री को 'भारत रत्न' उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ और पं. राम प्रसाद बिस्मिल में अगर अंतर नहीं पता, तो वहां चौपट होना ही होना था,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 13, 2026
बच्चे नकल नहीं करते तो क्या करते?
और यही समाजवादी पार्टी के लोग उत्तर प्रदेश के अंदर कर रहे थे… pic.twitter.com/pXt8OfBpYx
सपा सरकार के दौरान शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
सीएम बोले, जब मंत्री की बातों को सुन रहे लोगों ने सुधार करने की बात कही, तो उन्होंने सबको बीजेपी का समर्थक बता दिया. सीएम योगी ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब शिक्षा विभाग की स्थिति का ये हाल रहा है, तो शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति रही होगी. यह समझा जा सकता है. जब समाजवादी पार्टी के शिक्षा मंत्री को ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्लाह खां और पं. राम प्रसाद बिस्मिल में अगर अंतर नहीं पता, तो वहां चौपट होना ही होना था.
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मंत्री को पहचानने के इनकार कर दिया अधिकारी
शुक्रवार को विधानसभा में सीएम योगी ने सपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई किस्से सुनाए. उन्होंने बताया, जब मैं गोरखपुर का सांसद था, उस दौरान रेलवे स्टेशन पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री और कुछ प्रदेश सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहे. जब हमने अधिकारियों से पूछा कि क्या वे मंत्री के साथ आए हैं, तो उन्होंने मंत्री को पहचानने से इनकार कर दिया और पूछा कौन मंत्री? सीएम योगी ने आगे कहा, मंत्री ने खुद बाद में सफाई देते हुए कहा कि 6 महीने से सचिवालय नहीं गया, इसलिए अधिकारी पहचान नहीं पाए.
