Confirmed Ticket Showed Waiting: भारतीय रेलवे में अगर आप सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. रेलवे ने अपने एक यात्री को मुआवजा देने का ऐलान किया है, क्योंकि यात्री के टिकट बुक करने के बाद रेलवे विभाग ने ट्रेन से उस कोच ही हटा दिया था. मामला साल 2012 का है, लेकिन यात्री ने हार नहीं मानी उसने नई दिल्ली जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर दी. आखिरकार अंत में यात्री की जीत हुई और रेलवे ने मुआवजा देने का ऐलान किया है. जानें अब कितने मिलेगा मुआवजा.
जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब 14 साल पुराना है. जहां एक यात्री ने टिकट बुक किया तो RAC-43 थी, जो बाद में यात्रा के दिन बदलकर WL-44 हो गई. क्योंकि इस दौरान ट्रेन का एक डिब्बा हटा दिया गया था. यात्री ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे यात्रा से पहले तक इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई. जिसकी वजह से उसे मानसिक रूप से नुकसान हुआ. इस दौरान दूसरी व्यवस्था नहीं होने की वजह से उसे खडे़ होकर ही यात्रा करनी पड़ी.
कोच हटाने की वजह से हुई समस्या
यात्री ने बताया कि रेलवे स्टॉफ और ट्रेन के TTE से जब इस बारे में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि ट्रेन से एक कोच को हटा दिया गया है. जिसकी वजह से रिजर्वेशन स्टेटस प्रभावित हुआ. रेलवे ने शिकायत के जवाब में भी यह कहा कि ऑपरेटिंग ब्रांच ने SE-1 कोच हटा दिया था. ऐसे में RAC-43 से WL-44 में बदल गया.
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रेलवे को 5,000 रुपए मुआवजा देने का आदेश
शिकायत को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को 5,000 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया. लेकिन रेलवे ने मुआवजा देने की बजाय इस फैसले को राज्य उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी. इस दौरान आयोग ने भी जिला आयोग के फैसले को ही बरकरार रखा और कहा कि पीड़ित को 5,000 रुपए मुआवजा दिया जाए.
