Lok sabha Speaker Om Birla: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ TMC को छोड़कर सभी विपक्षी दल के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा है. नोटिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नोटिस देने के लिए कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल, गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद महासचिव के पास पहुंचे थे.
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ क्यों नाराज है विपक्ष?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के सभी सांसद कई मुद्दों को लेकर नाराज चल रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने नहीं दिया गया. इसके अलावा संसद से 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित करना है. वहीं, विपक्ष के सांसद पीएम की चेयर के नजदीक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लोकसभा स्पीकर ने दावा किया था कि अप्रत्याशित घटना की आशंका जाहिर करते हुए उन्होंने पीएम मोदी को संसद में आने के लिए मना कर दिया था. यही वजह है कि लोकसभा स्पीकर से पूरा विपक्ष नाराज चल रहा है.
कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को सौंप दिया है। https://t.co/kE3B2sPhLo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 10, 2026
क्या है लोकसभा स्पीकर हटाने की प्रक्रिया?
संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, लोकसभा के स्पीकर को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी जाती है. लेकिन इसके लिए कई शर्तें होती है. अगर लोकसभा के सदस्य स्पीकर को हटाना चाहते हैं तो इसके लिए महासचिव को लिखित में प्रस्ताव देना होगा. इस प्रस्ताव के लिए कम से कम 50 सांसदों की सहमति जरूरी होती है.
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नोटिस के बाद क्या होगा?
आज मंगलवार को विपक्ष के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया है. 9 मार्च को लोकसभा में सदन के समक्ष नोटिस को लीव (सदन की अनुमति) किया जाएगा. उस समय सदन में कम से कम 50 सांसदों की मौजूदगी जरूरी होगी. अगर 50 सांसद मौजूद रहते हैं, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा नोटिस खारिज हो जाएगा.
