Vande Mataram Contoversy: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है. कांग्रेस और सत्ता पक्षा के बीच वाद-विवाद अभी भी जारी है. आज बुधवार को दिल्ली में वंदे मातरम् के मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 1937 के वर्जन (पहले दो पैरा) को ही अपने कार्यक्रमों में गाएगी. इस दौरान बैठक में कांग्रेस के कई बडे़ नेता मौजूद रहे. यहां जानें वंदे मातरम् के साथ ही किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई.
दरअसल, आज बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. जिसमें प्रेसवार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘वंदे मातरम् को लेकर जब प्रस्ताव पारित किया गया था तो उस दौरान CWC की बैठक में महात्मा गांधी, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, पंडित नेहरू, आचार्य नरेंद्र देव और गोविंद पल्लव पंत समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे. आज इसी प्रस्ताव पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उस प्रस्ताव के कुछ भी पढ़े. इसमें कोई विवाद नहीं है, इसके बावजूद इसे मुद्दा बनाया जा रहा है.
कांग्रेस ने अपना क्लियर किया स्टैंड
इस दौरान जयराम रमेश ने बताया कि वंदे मातरम् को लेकर हमारा पहले दिन से ही स्टैंड बिल्कुल साफ रहा है कि 28 अक्टूबर 1937 का जो वर्जन है, 24 जनवरी 1950 संविधान सभा के आखिरी बैठक में, डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने दोहराया था कि जन-गन-मन राष्ट्रीय गान होगा और वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत होगा. इसके अलावा भी CWC की बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.
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कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, “आज हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक विस्तृत बैठक की, जिसमें CWC सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य और हमारे 4 मुख्यमंत्री शामिल हुए. बैठक में 88 से ज्यादा लोग मौजूद थे. मुख्यमंत्रियों और वर्किंग कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों समेत 33 लोगों ने चर्चा में हिस्सा लिया.”
