Prayagraj News: मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस ने प्रयागराज के संगम तट पर जाने से रोक दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का मुक्की होने लगी. हालांकि, पुलिस ने तुरंत ही स्थिति को नियंत्रण में कर लिया लेकिन इस घटना के बाद से संत समाज में काफी रोष व्याप्त है.
विवाद के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से इनकार कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की है, उन्हें स्नान से रोका गया. अब वे बिना स्नान के वापस जा रहे हैं.
#प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का जत्था रोककर पुलिस और अफसरों ने बुजुर्ग संतो और वेदपाठी बालकों को पीटा, धकियाया. शंकराचार्य बिना स्नान संगम से वापस#LiveVideo pic.twitter.com/OA8aULMM88
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) January 18, 2026
पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच धक्कामुक्की
- बता दें, प्रशासन ने मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में ‘नो-व्हीकल जोन’ घोषित किया है. यानी मेला क्षेत्र में किसी भी काफिले या वाहन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
- इसी दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी अपने रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं के साथ गंगा स्नान करने जा रहे थे, जिसे पुलिस ने रोक दिया. रथ को रोकते ही पुलिस और शंकराचार्य के साथ आए श्रद्धालुओं के बीच विवाद हो गया.
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क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों ने बताया कि शंकराचार्य ने पैदल जाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस दौरान उनके अनुयायी दर्शन के लिए टूट पड़ते. जिसे काबू करना मुश्किल होता. इस दौरान भगदड़ भी की स्थिति बन सकती थी. मंडल आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि बिना अनुमति के रथ से जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. सबकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है. किसी भी प्रकार की सुरक्षा में चूक नहीं होने दिया जाएगा. फिलहाल, मेला प्रशासन मुस्तैदी के साथ तैनात है.
